उत्तराखंड में नशे के सौदागरों पर कसी नकेल, गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति होगी कुर्क
प्रदेश में नशा मुक्त देवभूमि मिशन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। अब प्रदेश में नशा कारोबारियों पर गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने हाल ही में नशा मुक्त देवभूमि मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान इन सख़्त दिशानिर्देशों को जारी किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो अपराधी नशे के कारोबार में लगातार लिप्त पाए जाते हैं, उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत चिन्हित किया जाएगा। ऐसे अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी और उन पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी ताकि उनके आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, अपर पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला प्रभारियों और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ मिलकर इस रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जिन मामलों में विवेचकों ने अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास सहित अन्य आवश्यक जानकारी न्यायालय में उपलब्ध नहीं कराई है, ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बरामद मादक पदार्थों की परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बावजूद विवेचना को लंबित रखने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, तस्करों के नेटवर्क का पता लगाने, उनकी वित्तीय जांच करने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई न किए जाने पर संबंधित रेंज प्रभारियों को विवेचकों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस दिशा में लंबित विवेचनात्मक कार्यों को पूरा करने के लिए विवेचकों को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। साथ ही, वर्ष 2023 और 2024 के लंबित अभियोगों को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल और उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था विशाखा अशोक भदाणे भी उपस्थित रहे।
