उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा: अल्मोड़ा में डीएम ने दिए अहम निर्देश
उत्तराखंड में आगामी एसआईआर-2025 (विधानसभा निर्वाचक नामावली का पुनरीक्षण) की तैयारियों को लेकर अल्मोड़ा में प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा बैठकें तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, संबंधित अधिकारियों को मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए। इस बैठक में विशेष रूप से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की भूमिका और उनके कार्यों की प्रगति पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का अद्यतन कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बीएलओ को बीएलओ ऐप के माध्यम से मतदाताओं के साथ मिलान कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और अपनी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एडीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति से मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और सहजता आएगी।
आगामी पुनरीक्षण के तहत, प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ अवेयरनेस ग्रुप (बीएजी) का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाताओं को मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना और उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त, ईआरओ नेट और ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त मतदाता संबंधी आवेदनों (जैसे फार्म 6, 7 और 8) का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदाता सूची का अद्यतन कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो।
इस बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भरत सिंह रावत, तहसीलदार ज्योति धपवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल और आलोक वर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक उत्तराखंड में मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार करेगी। इसी क्रम में, यह भी ध्यान दिया जा रहा है कि एक अक्टूबर के बाद बालिग हुए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की जाने वाली विशेष गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
