उत्तराखंड में भाजपा का दबदबा कायम, सहकारी समितियों में फहराया जीत का परचम
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी का विजय रथ एक बार फिर आगे बढ़ा है। प्रदेश में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एम-पैक्स) के प्रबंध समितियों के चुनावों में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना प्रभुत्व स्थापित किया है। राज्य की कुल 671 सहकारी समितियों में से 668 में प्रबंध समितियों का गठन किया गया, जिनमें से लगभग 95 प्रतिशत पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया।
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 7381 वार्डों में से 6235 वार्डों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हुआ, जबकि शेष वार्डों के लिए मतदान कराया गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए हुई मतगणना में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत हासिल की, जिससे पार्टी का आत्मविश्वास और बढ़ा है।
इस अभूतपूर्व सफलता पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में लाए गए पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने जनता का विश्वास मजबूत किया है। यह जीत न केवल भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
सहकारी समिति निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसा दत्त पांडे ने पुष्टि की कि राज्य की 671 सहकारी समितियों में से 668 में चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने बताया कि एक समिति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि दो समितियों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। यह परिणाम दर्शाता है कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत करने में सफल रही है, जिसका श्रेय पार्टी की जमीनी स्तर की नीतियों और कार्यकर्ताओं के समर्पण को जाता है।
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