उत्तराखंड के अग्निवीरों का दबदबा: सेना में 1449 अग्निवीरों का स्वागत, छठे बैच ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा बैच, छठे बैच ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। लैंसडौन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त कर 456 अग्निवीरों ने मंगलवार को भारतीय सेना में शामिल होने की अंतिम शपथ ली। यह प्रशिक्षण 31 महीने का था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ये युवा देश सेवा के लिए तैयार हैं।
इस छठे बैच में उत्तराखंड के अग्निवीरों ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखंड से कुल 835 अग्निवीरों ने इस बैच में भाग लिया, जिसमें प्रथम बैच में 383 और द्वितीय बैच में 452 अग्निवीर शामिल थे। यह संख्या इस भर्ती प्रक्रिया में उत्तराखंड के युवाओं की प्रबल इच्छाशक्ति और देश सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
प्रादेशिक सेना की बात करें तो असम के अग्निवीरों ने दूसरा स्थान हासिल किया है। पहले बैच में असम से 31 और दूसरे बैच में केवल 1 अग्निवीर शामिल हुआ, जिससे कुल संख्या 32 हो गई। तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल के अग्निवीर रहे, जिन्होंने पहले बैच में 23 और दूसरे बैच में 3 अग्निवीरों के साथ कुल 26 की संख्या दर्ज की। इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर राज्यों से भी अग्निवीरों ने सेना में अपनी जगह बनाई है। मणिपुर से सात, त्रिपुरा से दो और मेघालय से तीन अग्निवीर इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं।
कुल मिलाकर, जनवरी 2023 से लेकर अब तक उत्तराखंड से कुल 1449 अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल हो चुके हैं। छठे बैच में अग्निवीरों की बड़ी संख्या को देखते हुए, कसम परेड समारोह को दो भागों में आयोजित किया गया, ताकि सभी प्रशिक्षुओं को उचित सम्मान और मंच मिल सके। इस अवसर पर, कड़ाके की ठंड के बावजूद, युवाओं ने ‘हाऊ इज द जोश’ जैसे नारों के साथ अपने उत्साह और देश सेवा के प्रति दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। यह भर्ती प्रक्रिया न केवल युवाओं को एक सुनहरे भविष्य का अवसर प्रदान करती है, बल्कि देश की रक्षा के लिए एक मजबूत और युवा सेना तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
