टाटा स्टील लीज रेंट विवाद: 10,852 एकड़ सबलीज पर प्रशासन-कंपनी में नहीं बनी सहमति, rent hike की तैयारी
जमशेदपुर में टाटा स्टील को सबलीज पर दी गई 10,852 एकड़ जमीन के किराए में बढ़ोतरी को लेकर जिला प्रशासन और कंपनी के बीच सहमति नहीं बन पाई है। प्रशासन राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लीज रेंट को तिगुना करने की तैयारी में है, जबकि टाटा स्टील इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं है। यह मामला टाटा स्टील के सबलीज के नवीनीकरण से जुड़ा है, जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।
इस लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए कोल्हान आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इससे पहले, जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में टाटा स्टील प्रबंधन के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई थी, लेकिन किराए में बढ़ोतरी के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
टाटा स्टील को यह सबलीज जमीन पांच अलग-अलग शिड्यूल के तहत आवंटित की गई है। इनमें शिड्यूल-1 में कंपनी का मुख्य प्लांट, शिड्यूल-2 में प्रशासनिक कार्यालय, शिड्यूल-3 में अस्पताल और कर्मचारियों के क्वार्टर, शिड्यूल-4 में बाजार और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्र, तथा शिड्यूल-5 में खाली भूमि शामिल है।
इस बीच, टाटा स्टील के लीज नवीनीकरण को लेकर झारखंड मूलवासी अधिकार मंच और टाटा विस्थापित आदिवासी मंच ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। मंच के प्रतिनिधियों हरमोहन महतो और दीपक रंजीत ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि रैयतों, मूल निवासियों और विस्थापितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। यह विवाद स्थानीय समुदायों के अधिकारों और कंपनी के विस्तार के बीच एक जटिल स्थिति पैदा कर रहा है।
