ट्रंप का नोबेल का दावा: आठ युद्ध समाप्त करने पर आठ पुरस्कार की मांग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को एक कैबिनेट बैठक के दौरान अपने कार्यकाल में आठ युद्ध समाप्त करने का दावा करते हुए कहा कि उन्हें प्रत्येक युद्ध के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उन्हें एक नहीं, बल्कि आठ पुरस्कारों का हकदार होना चाहिए। ट्रम्प ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वह पुरस्कारों की लालसा नहीं रखते, बल्कि खोए हुए जीवन की परवाह करते हैं।
ट्रम्प ने कहा, “हर बार जब मैं कोई युद्ध समाप्त करता हूं, तो वे कहते हैं, ‘अगर राष्ट्रपति ट्रम्प यह युद्ध समाप्त करते हैं, तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलेगा।” उन्होंने अपने इस दावे को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वे कह रहे हैं, ‘अगर वह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कर देते हैं, तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलेगा।'” उन्होंने सवाल उठाया कि “बाकी आठ युद्धों का क्या? भारत, पाकिस्तान, मैंने जितने युद्ध समाप्त किए हैं, उन सबके लिए मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, लेकिन मैं लालची नहीं बनना चाहता।”
राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को सुलझाने में अपनी भूमिका का दावा दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच एक पूर्ण और तत्काल युद्धविराम सुनिश्चित किया था। हालांकि, भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप या मध्यस्थता के सुझाव को खारिज किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह संक्षिप्त संघर्ष 7 मई को तब शुरू हुआ था जब भारत ने अप्रैल में हुए एक आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सैन्य लक्ष्यों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इसके बाद, 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर चार दिनों तक चले जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद युद्धविराम पर सहमति बनी थी।
ट्रम्प ने नोबेल पुरस्कार के मानकों पर भी कटाक्ष किया, यह कहते हुए कि यदि वह यूक्रेन में युद्ध समाप्त करते हैं, तो उन्हें नौवां पुरस्कार मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, मारा करीना माशाडो पेरिसका, ने भी कथित तौर पर माना है कि वह पुरस्कार के हकदार हैं। यह बयान उनके उन दावों को पुष्ट करता है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति और संघर्ष समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, हालांकि इन दावों की अक्सर आलोचना भी होती रही है।
