0

तमिलनाडु का ‘दक्षिण का अयोध्या’ विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, क्या है पूरा मामला?

By Dec 5, 2025

तमिलनाडु की राजनीति में ‘दक्षिण के अयोध्या’ के नाम से विख्यात मदुरै स्थित अरुलमिगु सुब्रह्मणयम स्वामी मंदिर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। विधानसभा चुनावों से पहले, मंदिर के दीप स्तंभ पर कार्तिक महीने में दीये जलाने को लेकर राज्य सरकार और भाजपा व अन्य हिंदू संगठनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां राज्य सरकार को तत्काल राहत नहीं मिल सकी है।nnतमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने इस मंदिर को ‘दक्षिण का अयोध्या’ करार दिया है। यह प्राचीन मंदिर भगवान मुरूगन के छह प्रमुख मंदिरों में से एक है और इसका उल्लेख 300 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी के संगम साहित्य में भी मिलता है। मंदिर के बाहर एक पत्थर का दीप स्तंभ है, जहां सदियों से हिंदू कार्तिक माह में दीये जलाते आए हैं, जो एक पुरानी परंपरा है।nnविवाद का मुख्य बिंदु यह है कि दीप स्तंभ के पास स्थित पहाड़ी की चोटी पर एक दरगाह है। इसी दरगाह का हवाला देते हुए राज्य सरकार हिंदुओं को दीप स्तंभ पर दीये जलाने की अनुमति देने से मना कर रही है। हालांकि, 1931 के प्रिवी काउंसिल के एक फैसले में दरगाह और सीढ़ियों को छोड़कर बाकी पूरी पहाड़ी को मंदिर का हिस्सा घोषित किया जा चुका है।nnएक दिसंबर को मद्रास हाईकोर्ट ने दीप स्तंभ को मंदिर का अभिन्न अंग मानते हुए हिंदुओं को दीये जलाने की अनुमति दे दी थी। हैरानी की बात यह है कि दरगाह कमेटी ने भी इस परंपरा पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। बावजूद इसके, राज्य सरकार, जिसे लगभग छह प्रतिशत मुस्लिम वोटबैंक का डर सता रहा है, इस अनुमति को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।nnसूत्रों के अनुसार, सत्तारूढ़ डीएमके को आशंका है कि लगभग 100 साल बाद इस परंपरा को फिर से शुरू करने की अनुमति देने से मुस्लिम समुदाय नाराज हो सकता है, खासकर तब जब अभिनेता विजय की नई पार्टी एक विकल्प के रूप में उभर रही है।nnदूसरी ओर, प्राचीन तमिल सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़े इस मुद्दे को हिंदू संगठन अपनी अस्मिता और सम्मान से जोड़कर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दीप जलाने के प्रयास में जुटे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को 50 समर्थकों के साथ हिरासत में भी लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के साथ ही, राज्यसभा में डीएमके के नेता त्रिची शिवा ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है।nnजहाँ डीएमके इसे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बता रही है, वहीं भाजपा इसे हिंदुओं के पुराने हक को हासिल करने की लड़ाई करार दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
दे रही है।”
देरी लड़ाई करार दे रही है।”
दे रही है।”
देरी लड़ाई करार दे रही है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें