टेरिटोरियल आर्मी भर्ती ठगी: दो और गिरफ्तार, 2.47 लाख नकद बरामद
मेरठ में प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 2.47 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। यह मामला तब सामने आया जब बुलंदशहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जसवंत नाम का एक व्यक्ति उसके रिश्तेदारों के बच्चों को भर्ती कराने के नाम पर 60 हजार रुपये ऑनलाइन और 2.50 लाख रुपये नकद ले चुका है, लेकिन इसके बावजूद किसी का भी चयन नहीं हुआ।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जसवंत और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस के सहयोग से तत्काल कार्रवाई करते हुए जसवंत को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 2.47 लाख रुपये बरामद हुए। पूछताछ के दौरान जसवंत ने गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम बताए, जिनमें शक्ति, विपिन, बिट्टू पहलवान उर्फ प्रवीण और सतपाल शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार रात बिट्टू पहलवान उर्फ प्रवीण को गिरफ्तार किया था, जबकि रविवार को बिजनौर निवासी सतपाल और मेरठ निवासी विपिन को भी दबोच लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ करीब 14 महीने पहले भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। गिरोह का एक सदस्य पहले से ही जेल में है, जबकि तीन अन्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस इन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच अभियान चला रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कई अन्य अभ्यर्थियों से भी ठगी कर चुका है और बरामद नकदी इसी अवैध कमाई का हिस्सा हो सकती है। इस घटना ने भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और अभ्यर्थियों को ऐसे गिरोहों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
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