एटा में जानलेवा हुआ मौसम का मिजाज: बुखार और रक्तचाप से तीन की मौत
एटा जिले में मौसम के अचानक करवट लेने से बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिसने तीन जिंदगियां लील लीं। इनमें एक युवक की मौत तेज बुखार से हुई, वहीं दो वृद्ध महिलाओं ने उच्च रक्तचाप और सांस लेने में तकलीफ के चलते दम तोड़ दिया। यह घटनाक्रम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और मौसमी बीमारियों के प्रति लोगों की जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बागवाला क्षेत्र के नगला मई निवासी सतपाल सिंह (35 वर्ष) पिछले चार दिनों से तेज बुखार से जूझ रहे थे। परिजनों ने उन्हें पहले एक निजी क्लीनिक में दिखाया, लेकिन मंगलवार शाम हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया। हालांकि, उपचार के दौरान रात करीब दस बजे सतपाल ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार में मातम छा गया।
इसी तरह, खेरिया खुर्द निवासी 89 वर्षीय रामबेटी का रक्तचाप मंगलवार रात अचानक बढ़ गया। परिजनों के अनुसार, वह पहले से शुगर की मरीज थीं। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, शहर के मोहल्ला चोंचा बनगांव निवासी 65 वर्षीय भागवती पत्नी रामबाबू की मौत सांस लेने में दिक्कत के कारण हुई। उन्हें भी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत बताया। इन तीनों मामलों में मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन दो वृद्धाओं को उपचार का मौका भी नहीं मिल पाया।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। बुधवार को मेडिसिन विभाग में लगभग 2200 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 500 से अधिक मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में खराश और शरीर दर्द जैसी मौसमी बीमारियों से ग्रसित पाए गए। वर्तमान में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जो मौसमी बदलावों का संकेत है।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने तथा पर्याप्त तरल पदार्थ के सेवन की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और स्व-चिकित्सा से बचें, ताकि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके।
