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पीलीभीत में ‘सिस्टम’ फेल: रैन बसेरा ढूंढने के लिए चाहिए ‘गाइड’, रुकने के लिए 100 रुपये की ‘घूस’!

By Dec 18, 2025

पीलीभीत में रैन बसेरों की हालत चिंताजनक है। यहां, जरूरतमंदों को रैन बसेरा ढूंढने के लिए ‘गाइड’ की आवश्यकता होती है और रात बिताने के लिए 100 रुपये की ‘घूस’ देनी पड़ती है।

हड्डियां कंपा देने वाली ठंड ने दस्तक दे दी है, लेकिन नगर पालिका के रैन बसेरों की अव्यवस्था देखकर ऐसा लगता है कि प्रशासन को बेसहारा लोगों की तकलीफों से ज्यादा कागजी खानापूर्ति में दिलचस्पी है। जागरण की टीम ने जब शहर के रैन बसेरों की पड़ताल की, तो कहीं रास्तों की भूलभुलैया मिली, तो कहीं गरीब की मजबूरी का सौदा होता दिखा। अस्थायी रैन बसेरे में मौजूद कर्मचारी ने आश्रय स्थल में पहुंचने वाले एक युवक से सौ रुपये वसूल कर लिए, जबकि यह पूरी तरह से निश्शुल्क है।

नगर पालिका ने भूरे खां मुहल्ले में स्थायी रैन बसेरा तो शानदार बनाया है, लेकिन यहां पहुंचने के लिए आपको किसी अनुभवी गाइड की जरूरत पड़ेगी। टनकपुर हाईवे से उतरकर नकटादाना चौराहे की ओर करीब दो सौ मीटर चलने पर एक संकरी गली मुड़ती है। विडंबना देखिए, मुख्य मार्ग पर न तो कोई बैनर लगा है और न ही कोई संकेतांक जो यह बता सके कि रैन बसेरा कहां है। करीब 400 मीटर अंदर गलियों के कई मोड़ों से गुजरने के बाद आप रैन बसेरे के दरवाजे तक पहुंच भी जाएं, तो अंधेरा आपका स्वागत करेगा। प्रकाश की समुचित व्यवस्था न होने के कारण रैन बसेरा खुद अंधेरे में गुम है। अंदर का नजारा और भी अजीब था, बिस्तर सजे थे, रसोई चकाचक थी। अलाव जल रहा था, लेकिन कोई भी जरूरतमंद वहां मौजूद नहीं था, जो इस बात की पुष्टि कर रहा है कि रैन बसेरे के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है।

दूसरी तरफ, हाईवे और बस स्टेशन के पास होने के कारण यहां मुसाफिरों की भीड़ तो है, लेकिन सुविधाएं राम भरोसे हैं। एक टीन शेड के नीचे तिरपाल के पर्दे डालकर इसे रैन बसेरा घोषित कर दिया गया है। जमीन पर बिछी दरी और कुछ गद्दों के सहारे मुसाफिर रात काटने को मजबूर हैं। सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि यहां तैनात कर्मचारी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। रैन बसेरे में रुके यात्रियों ने दबी जुबान में बताया कि बैग की रखवाली के नाम पर उनसे सुविधा शुल्क (अवैध वसूली) वसूला जा रहा है। कड़ाके की ठंड में सात-आठ लोग अलाव तापते मिले, लेकिन वहां का माहौल रैन बसेरा कम और वसूली केंद्र ज्यादा नजर आया।

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