होली में चंद्रकला की मिठास: दुकानों में सज गईं तरह-तरह की गुजिया, लोगों की पसंद बनी मेवा वाली
होली के रंगों के साथ-साथ मिठाइयों की खुशबू भी बाजारों में फैलने लगी है। कानपुर देहात में होली के त्योहार के लिए खास तौर पर तैयार की जाने वाली चंद्रकला और गुजिया दुकानों में सज गई हैं। इस बार पारंपरिक खोया और चीनी से बनी गुजिया के साथ-साथ मेवा, रवा और शुगर-फ्री गुजिया भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
त्योहार में मिठास का खास इंतजाम
त्योहारों में मिठास का जिक्र किए बिना बात अधूरी है, और होली इसका अपवाद नहीं है। बाजार में इस बार रंगों की तरह ही मिठाइयों की भी कई किस्में उपलब्ध हैं। खोया वाली पारंपरिक गुजिया, सूजी की गुजिया के साथ-साथ शुगर-फ्री और ड्राई फ्रूट (मेवे) वाली गुजिया होली की मिठास बढ़ाने के लिए तैयार हैं। विशेष रूप से, चंद्रकला की खरीदारी खूब हो रही है।
मेवा और कम चीनी वाली गुजिया की मांग
अकबरपुर के मिठाई कारोबारियों के अनुसार, इस बार कम चीनी वाली और ड्राई फ्रूट की गुजिया की मांग अधिक है। 600 रुपये प्रति किलो वाली ड्राई फ्रूट गुजिया की जमकर खरीद हो रही है। वहीं, माती रोड के मिठाई विक्रेता बताते हैं कि खोया की कीमत बढ़ने के बावजूद, उन्होंने सभी के लिए उपलब्धता का ध्यान रखते हुए गुझिया तैयार की है। 350 रुपये किलो वाली खोया और चीनी की चंद्रकला को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं।
रूरा के मिठाई विक्रेताओं ने भी बताया कि होली में रंग खेलने के साथ-साथ गुजिया का अलग ही क्रेज रहता है। उनके यहां खोया, चीनी और मेवे से तैयार चंद्रकला और लौंग लता गुजिया उपलब्ध हैं। रवा की गुजिया 250-300 रुपये किलो और खोया-मेवायुक्त गुजिया 400 रुपये किलो की दर से बिक रही है। झींझक कस्बे के विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई के बावजूद गुझिया की खरीद पर खास असर नहीं दिख रहा है। लोग अब अधिक मीठी की जगह कम मीठी और मेवा वाली गुझिया को अधिक पसंद कर रहे हैं।
