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गोरखपुर एम्स में मायस्थेनिया ग्रेविस का सफल इलाज, प्लाज्मा थेरेपी से मिली नई जिंदगी

By Jan 22, 2026

गोरखपुर एम्स में एक 55 वर्षीय महिला को मायस्थेनिया ग्रेविस नामक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी से नई जिंदगी मिली है। यह बीमारी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी के कारण होती है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और सांस लेने में गंभीर कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। इस महिला को भी ऐसी ही समस्या थी, जिसके कारण वह गंभीर स्थिति में एम्स पहुंची थीं।

प्लाज्मा थेरेपी से मिला नया जीवन

एम्स के मेडिसिन विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. अजय मिश्र की देखरेख में महिला का इलाज किया गया। जांच में पता चला कि वह मायस्थेनिया ग्रेविस से पीड़ित हैं। इस स्थिति में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से उन प्रोटीनों पर हमला करती है जो मांसपेशियों को सिकुड़ने के लिए आवश्यक हैं। इससे तंत्रिका और मांसपेशी के बीच का जंक्शन ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे मांसपेशियों को संदेश नहीं मिलते और वे कमजोर हो जाती हैं।

आयुष्मान योजना से मिला मुफ्त इलाज

महिला आयुष्मान योजना की लाभार्थी होने के कारण, उन्हें इस जटिल उपचार के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज की सुविधा दी, जिसने उनकी स्थिति में सुधार किया। शुरुआत में, परिवार वाले इलाज के खर्च और लाभ को लेकर चिंतित थे, लेकिन डॉक्टरों के आश्वासन के बाद उन्होंने उपचार के लिए सहमति दी। इस सफल इलाज में मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय मिश्र, न्यूरोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. आशुतोष तिवारी, जूनियर रेजिडेंट डॉ. सामर्थ, और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डॉ. सौरभ मूर्ति व रविंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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