ममता सरकार को EC का कड़ा निर्देश, BLO का बढ़ा हुआ मानदेय तुरंत जारी करने का फरमान
भारत के चुनाव आयोग ने बंगाल की ममता सरकार को बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का बढ़ा हुआ मानदेय जारी न करने के लिए फटकार लगाई है। चुनाव आयोग ने कहा कि देरी ‘बहुत अजीब’ है और यह राशि तत्काल जारी की जानी चाहिए।
28 नवंबर को तृणमूल प्रतिनिधमिंडल के साथ हुई बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने यह बात कही थी। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के बीएलओ के मानदेय में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की थी। राज्य सरकार द्वारा यह मानदेय अभी तक जारी नहीं किया गया है।
चुनाव आयोग ने तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि यह देखना बहुत अजीब है कि बीएलओ के लिए हर साल 12,000 रुपये का बढ़ा हुआ मानदेय और एसआईआर के लिए बीएलओ को अतिरिक्त 6,000 रुपये की राशि अभी तक राज्य सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है।
चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि इस भुगतान को किसी भी और देरी के बिना किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने तृणमूल प्रतिनिधिमंडल बताया था कि बीएलओ के लिए सालाना 12,000 का बढ़ा हुआ मानदेय और एसआइआर के लिए अतिरिक्त 6,000 रुपये की राशि को चुनाव आयोग ने अनुमोदित किया था।
यह अधिसूचना पहले ही जारी कर दी गई थी, जिसमें देश भर के सभी बीएलओ के लिए बढ़े हुए पारिश्रमिक को अधिसूचित किया गया था। आयोग ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि बीएलओ के बढ़े हुए मानदेय और एसआइआर के लिए स्वीकृत अतिरिक्त राशि का भुगतान बिना किसी और विलंब के तत्काल किया जाना चाहिए।
