ओडिशा में सौर ऊर्जा क्रांति: 1.5 लाख रूफटॉप यूनिट से रोशन होंगे 7 से 8 लाख घर
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को पुरी में विश्व ऊर्जा नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के ऐतिहासिक स्वच्छ ऊर्जा विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि ओडिशा को नए यूटिलिटी-लिंक्ड एग्रीगेशन मॉडल के तहत 1.5 लाख रूफटॉप सोलर यूनिट मिलेंगे। इससे राज्य के 7 से 8 लाख नागरिक लाभान्वित होंगे।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में 1 टेरावॉट ऊर्जा क्षमता हासिल करने में लगभग 70 वर्ष लगे, लेकिन 2024 में विश्व ने 2 टेरावॉट क्षमता हासिल कर ली, अर्थात केवल 2 वर्षों में ही अतिरिक्त 1 टेरावॉट क्षमता जुड़ गई। इस असाधारण वृद्धि में भारत का प्रमुख योगदान है। पिछले 11 वर्षों में भारत की सौर क्षमता 2.8 गीगावॉट से बढ़कर लगभग 130 गीगावॉट हो गई है, जो 4,550 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
केंद्रीय मंत्री ने ओडिशा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में 1 किलोवाट क्षमता वाले 1.5 लाख रूफटॉप सोलर यूनिट लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ता-स्वामित्व पर आधारित यूएलए मॉडल में इनका स्थापना कार्य किया जाएगा। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा।
ओडिशा पहले से ही स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। 3.1 गीगावॉट से अधिक स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ, स्वच्छ ऊर्जा अब राज्य की कुल स्थापित बिजली क्षमता का 34 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 1.6 लाख परिवारों ने रूफटॉप सोलर यूनिट लगाने के लिए आवेदन किया है। 23,000 से अधिक यूनिट जुड़ चुके हैं और 19,200 से अधिक परिवारों के बैंक खातों में 147 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी सीधे भेजी जा चुकी है।
