सरकारी लापरवाही का आलम! ड्राइवर के इंतजार में धूल फांक रही नई गाड़ियां, NH-31 पर जाम से त्रस्त जनता
संवाद सहयोगी, नवगछिया। नवगछिया ट्रैफिक थाना को ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने दो नई गश्ती गाड़ियां उपलब्ध कराईं, लेकिन इनके साथ ड्राइवर भेजना भूल ही गई। नतीजा एक गाड़ी होमगार्ड जवान के भरोसे सीमित इलाके में घूम रही है, जबकि दूसरी तकनीकी खराबी के कारण थाने में महीनों से बंद खड़ी धूल फांक रही है।
ट्रैफिक कर्मियों की मानें तो एनएच-31 पर रोज लगने वाला जाम अब स्थायी दृश्य बन चुका है। ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात एक कर्मी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा- न ड्राइवर है, न पर्याप्त बल… एक गाड़ी से कितना क्षेत्र संभलेगा। एनएच-31 की सुरक्षा व विधि-व्यवस्था तो भगवान भरोसे चल रहा है।
थाने में खराब खड़ी गाड़ी को लोग अब मज़ाक में “सरकारी शोपीस” कहने लगे हैं। सड़क सुरक्षा और सुचारू ट्रैफिक संचालन के सरकारी दावे यहां हकीकत से कोसों दूर दिखते हैं। बिना ड्राइवर सरकारी गाड़ियां आखिर कितनी प्रभावी होंगी, यह सवाल लगातार उठ रहा है। फिलहाल ट्रैफिक थाना भी ड्राइवर मिलने की प्रतीक्षा में है, वाहन भी इंतज़ार में और जनता… हमेशा की तरह एनएच- 31 की लंबी जाम रेखा में फंसी हुई।
