SIP से 10 साल में 1000 रुपये से बनाएं 2.32 लाख का फंड
आज के समय में म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) एक लोकप्रिय और आसान तरीका बन गया है। आकर्षक रिटर्न की संभावनाओं को देखते हुए, बड़ी संख्या में निवेशक एसआईपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एसआईपी के माध्यम से, निवेशक नियमित रूप से एक निश्चित राशि का निवेश करते हैं, जिससे समय के साथ एक बड़ा फंड तैयार होता है।nnसूत्रों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 10 साल की अवधि के लिए हर महीने 1000 रुपये की एसआईपी करता है और उसे औसतन 12 फीसदी का वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 10 साल बाद उसके निवेश का कुल मूल्य लगभग 2,32,000 रुपये हो जाएगा। इस पूरी अवधि में, निवेशक का अपना मूलधन निवेश 1,20,000 रुपये होगा, जबकि शेष 1,12,000 रुपये निवेश पर मिले रिटर्न से आएंगे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह रिटर्न शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है।nnआमतौर पर, म्यूचुअल फंड में न्यूनतम अनुमानित रिटर्न 12 से 14 फीसदी के बीच माना जाता है, हालांकि यह बाजार की स्थिति के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है। सही म्यूचुअल फंड का चुनाव करना निवेश की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। आशियाना फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता के अनुसार, एक अच्छा म्यूचुअल फंड चुनते समय कुछ प्रमुख बातों पर ध्यान देना चाहिए:nnफंड का AUM (Assets Under Management) कम से कम 1000 करोड़ रुपये होना चाहिए। छोटा AUM फंड को अधिक जोखिम में डाल सकता है और रिटर्न अस्थिर हो सकता है।nnफंड कम से कम 5 साल पुराना होना चाहिए, ताकि उसके प्रदर्शन का मूल्यांकन बाजार के अच्छे और बुरे दोनों दौरों में किया जा सके।nnएक्सपेंस रेशियो (खर्च अनुपात) जितना कम हो, उतना बेहतर होता है, क्योंकि यह सीधे आपके मुनाफे को प्रभावित करता है।nnअल्फा (Alpha) यह दर्शाता है कि फंड ने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में कितना बेहतर प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए, यदि इंडेक्स ने 10% रिटर्न दिया और फंड ने 15% तो अल्फा 5 है, जो बेहतर प्रदर्शन का संकेत है।nnबीटा (Beta) फंड की मार्केट के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशीलता को मापता है। 1 से अधिक बीटा वाला फंड अधिक जोखिम भरा माना जाता है।”
।
