कालपी में श्रीमद् भागवत कथा: अहंकार से बुद्धि और ज्ञान का होता है हरण, बोले कथा व्यास Sunil Dwivedi
कालपी के हाइवे रोड किनारे स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास सुनील द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को अहंकार त्यागने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अहंकार मनुष्य की बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है, जिससे व्यक्ति सही-गलत का भेद भूल जाता है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सोमवार को कथा व्यास सुनील द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन किया, जिसमें माखन चोरी, गोपियों के वस्त्र हरण, ब्रह्मा द्वारा गायों का हरण, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन लीला प्रमुख थीं। इन प्रसंगों को सुनकर भक्तजन भावविभोर हो गए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से माता-पिता और बेटियों को अच्छी शिक्षा व संस्कार देने का आह्वान किया, क्योंकि हमारे संस्कार ही हमें जीवन में आगे बढ़ाते हैं।
कथा आयोजक राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि यह श्रीमद् भागवत कथा 22 फरवरी को प्रारंभ हुई थी और इसका समापन 28 फरवरी को होगा। इसके उपरांत 1 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे, जिनका पुजारी जी और दीपू द्विवेदी ने अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। विधायक ने कथा व्यास का अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य भक्तजन कथा श्रवण के लिए मौजूद रहे।
