श्रम कोड कानून के विरोध में मेंस यूनियन आज करेगी महाप्रबंधक का घेराव
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए श्रम कोड कानूनों के खिलाफ पूर्व रेलवे मेंस यूनियन, आसनसोल शाखा ने कड़ा विरोध जताया है। यूनियन ने इन कानूनों को पूरी तरह से श्रमिक विरोधी करार देते हुए आगामी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है।
आसनसोल रेलवे ट्रैफिक रेल कालोनी पीडब्लूआइ कार्यालय के समक्ष आयोजित एक विरोध सभा में यूनियन के शाखा सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर को पारित श्रम कोड कानून श्रमिकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून श्रमिकों के अधिकारों का हनन करता है और इससे उनका भला होने वाला नहीं है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण कानून को लागू करने से पहले किसी भी श्रमिक संगठन से कोई परामर्श नहीं किया गया, जो कि अनुचित है।
सूत्रों के अनुसार, यह कानून कोरोना काल के दौरान संसद में लाया गया था। जहाँ भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जैसे कुछ संगठन इसके समर्थन में हैं, वहीं देश के अधिकांश प्रमुख ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठन इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
आगामी 26 नवंबर को होने वाले घेराव प्रदर्शन में आसनसोल शाखा के साथ-साथ यूनियन की 40 अन्य शाखाओं के रेल श्रमिक, सदस्य और पदाधिकारी भाग लेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आसनसोल रेल मंडल से हजारों की संख्या में रेल श्रमिक और यूनियन पदाधिकारी बुधवार की सुबह कोलकाता के लिए रवाना होंगे। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इन श्रमिक विरोधी कानूनों को वापस नहीं लेती।
