शोपियां में सड़कों पर शोर मचाने पर लगी रोक, एसडीएम का बड़ा फैसला
कश्मीर घाटी के शोपियां जिले में अब सड़कों पर अनावश्यक शोरगुल पर लगाम कसी जाएगी। ज़ैनापोरा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने आम जनता की ध्वनि प्रदूषण और असुविधा से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। एक सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से, एसडीएम ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों और मुख्य मार्गों पर चलती गाड़ियों में माइक, मेगाफोन और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर फल तथा अन्य वस्तुएं बेचने वाले विक्रेताओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम कार्यालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि विक्रेता अपनी प्रचार सामग्री के लिए तेज आवाज वाले यंत्रों का प्रयोग करते हैं, जिससे न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से, हाल ही में ब्लॉक दिवस के आयोजन के दौरान भी ज़ैनापोरा क्षेत्र में इस प्रकार के शोरगुल से होने वाले उपद्रव की शिकायतें प्रमुखता से उठाई गई थीं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि इन विक्रेताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले माइक और लाउडस्पीकर से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ, उनके द्वारा सड़कों के किनारे सामग्री का प्रदर्शन भी भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ाता है। यह स्थिति सरकार द्वारा अनुमोदित नहीं है और यह समुदाय के स्वास्थ्य और शारीरिक आराम के लिए हानिकारक है।
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि आगे से ज़ैनापोरा उप-मंडल में किसी भी विक्रेता को इस तरह से अपनी वस्तुओं को बेचकर प्रदूषण फैलाने या सार्वजनिक असुविधा पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस आदेश का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना, सड़कों पर भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं को रोकना तथा नागरिकों को एक शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
