शोले का वो किरदार जिसने सिर्फ 3 सीन में छोड़ी अमिट छाप
वर्ष 1975 में प्रदर्शित हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में एक ऐसा किरदार था, जिसकी भूमिका भले ही छोटी थी, लेकिन उसका प्रभाव आज भी कायम है। लगभग 50 साल बीत जाने के बाद भी, दर्शक इस किरदार को उसी स्नेह से याद करते हैं। यह किरदार न तो जय-वीरू जितना प्रमुख था, न ही गब्बर या बसंती जितना लोकप्रिय, फिर भी यह भारतीय सिनेमा का एक अमर प्रतीक बन गया।
दर्शकों के मन में हमेशा यह सवाल रहा है कि आखिर वो कौन सा किरदार था, जिसने चंद पलों के अस्तित्व के बावजूद इतनी बड़ी पहचान हासिल की। एक ऐसा व्यक्ति जिसने बहुत कम संवाद बोले, फिर भी उन्हीं संवादों ने उसे हिंदी फिल्म जगत में एक यादगार चेहरा बना दिया। यह उस कलाकार की कहानी है जिसने अपने कुछ शब्दों से ऐसा जादू चलाया कि पूरी पीढ़ी उसे याद करती है।
हम बात कर रहे हैं दिवंगत अभिनेता मैक मोहन द्वारा निभाए गए सांभा के किरदार की। सांभा को हमेशा गब्बर सिंह के साथ एक चट्टान पर खड़ा दिखाया जाता था। फिल्म में उसका एक ही मशहूर डायलॉग था – ‘पूरे 50 हजार’, लेकिन ये तीन शब्द फिल्म इतिहास की सबसे प्रसिद्ध पंक्तियों में से एक बन गए।
दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में भले ही उसका नाम सिर्फ तीन बार लिया गया हो, लेकिन उसकी पहचान आज भी अटूट है। लोग अक्सर मजाक में कहते हैं कि सांभा की भूमिका इतनी छोटी थी कि पलक झपकते ही चूक सकती थी, लेकिन दर्शकों ने उसे हमेशा अपने दिलों में रखा है।
अब बात करते हैं उस अभिनेता की जिसने सांभा जैसे साधारण किरदार को भी अविस्मरणीय बना दिया। मैक मोहन का असली नाम मोहन मखीजानी था। उनका जन्म कराची, तत्कालीन ब्रिटिश भारत में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। बचपन से ही उन्हें अभिनय में रुचि थी, जिसके चलते उन्होंने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और कड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाई।
अपने करियर में मैक मोहन ने लगभग 200 फिल्मों में काम किया। इतनी विशाल फिल्मोग्राफी के बावजूद, लोग उन्हें ‘शोले’ में सांभा की भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद करते हैं। मैक मोहन ने ‘डॉन’, ‘जंजीर’, ‘शान’, ‘सत्ते पे सत्ता’ और ‘कर्ज’ सहित कई सुपरहिट फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
दुर्भाग्यवश, फेफड़ों के कैंसर के कारण 2010 में मैक मोहन का निधन हो गया। उनके निधन के बाद भी लोग उन्हें स्नेहपूर्वक याद करते हैं। उनके परिवार ने बार-बार मैक मोहन को एक विनम्र, सरल और अभिनय के प्रति जुनूनी व्यक्ति बताया है।
