प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य का धरना जारी, प्रशासन से माफी की मांग
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना लगातार जारी है। पुलिस द्वारा उनकी पालकी यात्रा रोके जाने के विरोध में वे उसी स्थान पर धरने पर बैठे हैं, जहां उन्हें पुलिस ने छोड़ा था। उन्होंने पूरी रात ठंड में अपने पंडाल में बिताई।
सोमवार दोपहर को शंकराचार्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन आकर माफी नहीं मांगता, तब तक वे अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे और फुटपाथ पर ही रहेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतिहास गवाह है कि शंकराचार्य हमेशा पालकी में ही स्नान करने गए हैं और हर साल वे इसी पालकी में जाते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुलिस प्रशासन उन्हें सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक वे गंगा स्नान नहीं करेंगे।
उनके मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि शंकराचार्य ने पिछले 24 घंटे से कुछ भी नहीं खाया है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने आया है। उन्होंने सुबह उसी स्थान पर अपनी पूजा और दंड तर्पण किया।
इस बीच, मौनी अमावस्या पर माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाने वालों की संख्या 4 करोड़ 52 लाख से अधिक रही। इस आंकड़े के अनुसार, प्रयागराज रविवार को दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक बन गया, जो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता (लगभग 4 करोड़) से भी अधिक है।
