लखनऊ में Shankaracharya Avimukteshwaranand के कार्यक्रम को मिली अनुमति, प्रशासन ने लगाईं 26 शर्तें
लखनऊ प्रशासन ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 11 मार्च को प्रस्तावित ‘गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान’ के मुख्य कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है। सोमवार देर रात पुलिस अधिकारियों और एलडीए स्मारक समिति के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह अनुमति जारी की गई। यह कार्यक्रम आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के पास पासी किला चौराहे पर दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे और समर्थकों को संबोधित करेंगे।
प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति के साथ 26 सख्त शर्तें लागू की हैं। इन शर्तों में भड़काऊ भाषण या नारेबाजी पर रोक, हथियार और आतिशबाजी पर प्रतिबंध, ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन, सीमित वाहनों की अनुमति, यातायात बाधित न करना, निजी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद रखना शामिल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर परमिशन स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों काशी से लखनऊ तक यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज, उन्नाव और नैमिषारण्य सहित कई स्थानों पर सभाएं और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा गौ-रक्षा को लेकर जनजागरण अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य कार्यक्रम 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित होगा।
इस बीच, आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विदेश भागने की आशंका व्यक्त करते हुए उनका पासपोर्ट जब्त करने के अनुरोध के साथ लखनऊ की पॉक्सो अदालत में सोमवार को एक अर्जी दाखिल की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत से कहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपना जिला नहीं छोड़ सकते हैं। उच्च न्यायालय ने केवल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, लेकिन यह भी कहा है कि वह जांच प्रभावित नहीं करेंगे।
