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शाकिब अल हसन ने संन्यास वापस लिया, फैंस के लिए किया बड़ा खुलासा, बताई आखिरी ख्वाहिश बताई

By Dec 10, 2025

बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने अपने टेस्ट और टी20I संन्यास वापस लेने का एलान किया है। उन्होंने मोईन अली के पॉडकास्ट बियर्ड बिफोर विकेट में साफ कहा कि उन्होंने अभी तक तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और T20I) से आधिकारिक संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि मैं अभी अपने सभी फॉर्मेट से रिटायर नहीं हुआ हूं। मेरा प्लान है कि बांग्लादेश लौटकर में एक पूरी घरेलू सीरीज (टी20आई, वनडे और टेस्ट) खेलूं और उसके बाद तीनों फॉर्मेट से एक साथ संन्यास ले लूं। उन्होंने अपने आखिरी ख्वाहिश ये बताई कि वह बस एक पूरी सीरीज खेलना चाहते हैं और फैंस को अलविदा कहना चाहते हैं।

दरअसल, शाकिब अल हसन इंटरनेशनल क्रिकेट से करीब एक साल से बाहर चल रहे हैं और उन्होंने पिछले साल अपने टेस्ट और टी20i से संन्यास का एलान किया, लेकिन मोईन अली के पॉडकास्ट पर उन्होंने हैरान कर देने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा, मैं आधिकारिक रूप से अभी तीनों फॉर्मेट से रिटायर नहीं हुआ हूं। ये पहला मौका है जब मैं इसका खुलासा कर रहा हूं। मेरा प्लान है कि मैं बांग्लादेश जाकर, एक पूरी वनडे, टेस्ट और टी20 सीरीज खेलूं और फिर रिटायर हो जाऊं।

शाकिब ने आगे कहा कि मेरा मतलब कि मैं तीनों फॉर्मेट से रिटायर हो सकता हूं। फिर उसकी शुरुआत टी20आई, वनडे, टेस्ट या फिर टेस्ट, वनडे और टी20आई से हो इससे फर्क नहीं पड़ता। मुझे बस एक पूरी सीरीज खेलनी है और फिर रिटायर होना है, मैं बस ये चाहता हूं।

बता दें कि शाकिब अल हसन मई 2024 से बांग्लादेश वापस नहीं लौटे हैं। 5 अगस्त को अवामी लीग सरकार के हटने के बाद से वे देश से बाहर ही हैं। अवामी लीग के पूर्व सांसद रहे शाकिब का नाम एक हत्या के मामले में दर्ज FIR में शामिल किया गया था, जबकि उस समय वे देश में मौजूद भी नहीं थे। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान और भारत में टेस्ट मैच खेले। भारत के खिलाफ कानपुर में खेला गया दूसरा टेस्ट उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच रहा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे बांग्लादेश लौटेंगे, तो शाकिब ने कहा कि मुझे उम्मीद है। इसलिए तो मैं T20 लीग्स खेल रहा हूं मुझे लगता है, ऐसा होगा। शाकिब ने ये भी कहा कि वह अपने देश में एक होम सीरीज खेलकर सम्मानजनक विदाई चाहते हैं, ताकि अपने फैन्स का शुक्रिया अदा कर सकें।

जब कोई खिलाड़ी कुछ कहता है, तो वह अपनी बात पर कायम रहता है। अचानक बदलता नहीं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं अच्छा खेलूं या न खेलूं। उसके बाद अगर खेलना चाहूँ तो शायद खराब सीरीज़ भी खेलूं, पर इसकी ज़रूरत नहीं है। मेरा मानना है कि इतना काफी है। फैंस ने हमेशा मेरा साथ दिया है, तो उन्हें कुछ लौटाने के लिए अपने देश में एक सीरीज़ खेलना ही मेरे लिए सबसे अच्छा तरीका है।

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