शिंदे की शिवसेना और रिपब्लिकन सेना का हुआ गठबंधन, बाबासाहेब के विचारों पर चलने का दावा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार रात ठाणे में एक बड़ी राजनीतिक घोषणा करते हुए दलित संगठन रिपब्लिकन सेना के साथ अपनी शिवसेना के गठबंधन का ऐलान किया। इस गठबंधन को ‘भीमशक्ति-शिवशक्ति’ एकता के पुनरुत्थान के रूप में देखा जा रहा है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि यह नई साझेदारी सत्ता या कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि न्याय की स्थापना और बाबासाहेब डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए की गई है।
ठाणे के शिवाजी मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में रिपब्लिकन सेना के प्रमुख आनंदराज आंबेडकर और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिंदे ने कहा कि यह गठबंधन डॉ. आंबेडकर की विचारधारा और समाज के वंचितों व शोषितों के उत्थान के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने आनंदराज आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनमें बाबासाहेब का रक्त है और हम सभी उनके विचारों के अनुयायी हैं।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने भारतीय लोकतंत्र में डॉ. आंबेडकर के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान ने ही यह संभव किया कि साधारण पृष्ठभूमि से आए लोग भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँच सकते हैं, जैसा कि एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बन सका।
यह गठबंधन राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ‘भीमशक्ति-शिवशक्ति’ जैसे शब्दों का प्रयोग अविभाजित शिवसेना और डॉ. आंबेडकर के अनुयायियों को एक साथ लाने के लिए अतीत में भी होता रहा है। इस नए गठबंधन से महाराष्ट्र की राजनीति में नई समीकरण बनने की उम्मीद है, खासकर दलित और मराठी वोट बैंक को साधने के प्रयासों के तौर पर इसे देखा जा रहा है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, जहां शिंदे गुट आंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़ रहा है, वहीं उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता द्वारा शिंदे गुट के कुछ मंत्रियों और विधायकों के संपर्क में होने के दावे भी सामने आ रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।
