ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: कर्णप्रयाग तक ट्रेन का इंतजार लंबा, नई समय सीमा तय
उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को पूरा करने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने दिसंबर 2028 का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य चार धाम यात्रा को सुगम बनाना और गढ़वाल मंडल को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे सामरिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण हो जाता है।
परियोजना के तहत कुल तेरह रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाना है। इनमें से वीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और यहां से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो गया है। शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है। वहीं, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा और श्रीनगर (चौरास) स्टेशनों के निर्माण के लिए तकनीकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब वित्तीय टेंडर होने हैं। इन स्टेशनों का निर्माण 163.45 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
पैकेज तीन के तहत आने वाले धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर रेलवे स्टेशनों का निर्माण 126.16 करोड़ रुपये की लागत से होगा। परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन कर्णप्रयाग (सेवई) के लिए भी टेंडर प्रक्रिया जारी है।
परियोजना में अभी भी तीन टनलों में लगभग दस किलोमीटर की खुदाई का काम बाकी है, जिसमें मुख्य और निकास सुरंगें शामिल हैं। इन टनलों में कुल छह ब्रेक-थ्रू (आर-पार) होने हैं। ढालवाला से नीरगड्डू, कौडियाला से तीन धारा के पास शिवमूर्ति तक और नरकोटा से घोलतीर तक की सुरंगों में यह काम किया जाना है। अन्य सुरंगों को पहले ही आर-पार किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, पहले इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन सुरंग निर्माण में आ रही तकनीकी और भूवैज्ञानिक चुनौतियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के कारण समय-सीमा बढ़ानी पड़ी है। इस देरी के कारण परियोजना की लागत में भी वृद्धि होने की आशंका है।
आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2028 तक कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और इसे पूरा करने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि तीन प्रमुख टनलों में कुल छह ब्रेक-थ्रू होने हैं, जिनमें मुख्य और निकास सुरंगें शामिल हैं। बाकी दो स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है और अन्य के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
