जज के महाभियोग पर शाह का वार, ‘वन डे मातरम’ कहकर ठाकरे ने किया पलटवार; महाराष्ट्र में घमासान
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच एक न्यायिक महाभियोग प्रस्ताव को लेकर बड़ा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है।
विवाद की जड़ विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग चलाने का कदम है। न्यायाधीश का विवादास्पद आदेश एक दरगाह के पास एक पवित्र स्थान पर पारंपरिक रूप से दीप (कार्तिकई दीपम) जलाने का निर्देश देता है।
अमित शाह ने इस प्रस्ताव को एक खतरनाक मिसाल बताया, यह कहते हुए कि आजादी के बाद यह पहली बार है कि किसी न्यायाधीश को पूरी तरह से ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए महाभियोग का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ठाकरे पर इस ‘तुष्टिकरण की रणनीति के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया।
ठाकरे ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी, आरएसएस और अमित शाह को हिंदुत्व पर उन्हें व्याख्यान देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने शाह को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वह गोमांस से संबंधित टिप्पणियों को लेकर मंत्री किरेन रिजिजू के इस्तीफे की मांग करेंगे। उन्होंने बीजेपी के अचानक ‘वंदे मातरम’ पर ध्यान केंद्रित करने को खोखला प्रतीकवाद (‘वन डे मातरम’) कहकर खारिज कर दिया। ठाकरे ने पालगढ़ साधु लिंचिंग मामले को लेकर भी बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
यह दरार तब और चौड़ी हो गई जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाकरे पर हमला बोलते हुए उन्हें राजनीतिक असंगति के लिए ‘गिरगिट’ करार दिया। शिंदे ने तर्क दिया कि एक न्यायाधीश के महाभियोग का समर्थन करके, जिसके आदेश ने एक धार्मिक परंपरा की रक्षा की, ठाकरे ने मोदी या शाह के हिंदुत्व की आलोचना करने का कोई भी अधिकार खो दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक तीखे ट्वीट के साथ बीजेपी के हमले को मजबूत किया, जिसमें सुझाव दिया गया कि ठाकरे ने अपनी राजनीतिक आत्मा खो दी है। उन्होंने ट्वीट किया, “तुम क्या थे और क्या बन गए हो?”
