शेखपुरा में मनरेगा योजनाओं में लाखों का घोटाला उजागर, मुखियाओं पर कार्रवाई की तलवार
शेखपुरा जिले में पंचायती राज व्यवस्था और मनरेगा योजनाओं में लाखों रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है। शेखोपुरसराय प्रखंड की ओनामा और अंबारी पंचायतों में हुई इस गड़बड़ी की जांच जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने कराई है। इस मामले की जांच के लिए 13 सितंबर 2025 को तीन सदस्यीय एक जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसके बाद संबंधित मुखियाओं पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ओनामा पंचायत के मुखिया अभिमन्यु सिंह और अंबारी पंचायत के मुखिया विनोद राम पर आरोप है कि उन्होंने कई योजनाओं में निर्धारित मानकों के अनुसार काम कराए बिना ही लाखों रुपये की राशि की निकासी कर ली। सबसे अधिक गड़बड़ी अंबारी पंचायत में पाई गई है, जहां एक साथ दो से तीन दर्जन योजनाओं में अनियमितता बरती गई। इन योजनाओं का काम मुखिया के प्रतिनिधि के तौर पर मुकेश सिंह द्वारा कराया जा रहा था।
ग्रामीणों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने इस मामले को गंभीरता से लिया और 13 सितंबर को अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी में मनरेगा के शेखपुरा और बरबीघा के सहायक अभियंता भी शामिल थे। जांच कमेटी ने दोनों पंचायतों की योजनाओं का गहनता से निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी।
जांच रिपोर्ट में दोनों पंचायतों में लाखों रुपये के घोटाले की पुष्टि हुई है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर ही जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच में दोनों पंचायतों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही संबंधित मुखियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद पंचायती राज व्यवस्था और मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
