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शादी सीजन में फूलों की बहार: दूल्हे की गाड़ी सजाने वाले मालाकारों की चांदी

By Nov 23, 2025

शादी-विवाह के इस शुभ अवसर पर जहां एक ओर खुशियों का माहौल है, वहीं दूसरी ओर फूलों के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह सीजन बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। खासकर दूल्हे की गाड़ियों को आकर्षक ढंग से सजाने का काम इन दिनों खूब चल रहा है, जिससे मालाकारों की चांदी कट रही है।

स्थानीय अरवल मोड़ पर प्रतिदिन कई दूल्हों की गाड़ियां सजती हैं। ग्रामीण इलाकों में भी दूल्हे की गाड़ी को फूलों से सजाने की परंपरा जोर पकड़ रही है। लगन के दिनों में अरवल मोड़ स्थित हनुमान मंदिर के समीप गाड़ियां सजाने वालों की भीड़ देखी जा सकती है। शनिवार को दोपहर बाद से ही गाड़ियों के सजाने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा।

अरवल मोड़ पर इस काम में लगे एक दर्जन से अधिक मालाकार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सड़क के किनारे सजी-धजी गाड़ियों की कतारें देखी जा सकती हैं। ग्राहकों की मांग और बजट के अनुसार गाड़ियों को सजाया जा रहा है। मालाकार मुकेश कुमार के अनुसार, गाड़ियों की सजावट 2000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक में की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2000 रुपये में सामान्य सजावट होती है, जबकि 5000 रुपये में ‘गार्डेन टाइप’ की विस्तृत सजावट की जाती है। हालांकि, 5000 रुपये का पैकेज लेने वाले ग्राहकों की संख्या कम है, अधिकांश लोग 2000 रुपये या इससे कुछ अधिक में ही अपनी गाड़ी सजवा रहे हैं।

गाड़ियों की सजावट के काम में तेजी आने से फूल बाजार में भी काफी उछाल आया है। जहानाबाद में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश फूल अरवल जिले के किंजर इलाके से मंगाए जाते हैं। किंजर क्षेत्र के फूल उत्पादक और विक्रेता इस मांग से काफी खुश हैं। शादी सीजन के दौरान फूलों की यह मांग न केवल मालाकारों के लिए, बल्कि फूल उगाने वाले किसानों के लिए भी आय का एक महत्वपूर्ण जरिया बन गई है।

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