अमरोहा में कड़ाके की ठंड का कहर, पारा 8.6 डिग्री पर पहुंचा; Amroha weather news का हाल
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यातायात प्रभावित हुआ है और बाजारों में भीड़ कम है। हालांकि, यह ठंड गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इस बीच, स्थानीय रैन बसेरों में व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं।
बीते कुछ दिनों से अमरोहा में सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं, जिसके चलते ठंड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को भी घना कोहरा छाया रहा और शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से हाईवे पर वाहनों की गति धीमी रही और लोगों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा।
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है, जबकि चाय की दुकानों पर बिक्री बढ़ गई है। ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिससे वे घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ठंड का असर जहां आम जनजीवन पर पड़ा है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम वरदान साबित हो रहा है। गेहूं, सरसों और आलू जैसी फसलों के लिए यह ठंड फायदेमंद है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम फसलों को मजबूती देता है और पैदावार बढ़ने की संभावना है।
इस बीच, कड़ाके की सर्दी के बावजूद नगर पालिका द्वारा संचालित रैन बसेरों की व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। 10 बेड वाले रैन बसेरे में गर्माहट के लिए मात्र एक ही हीटर काम कर रहा है, जबकि दूसरा खराब पड़ा है। बेसहारा लोगों के लिए खाने की व्यवस्था भी रात में नहीं हो पा रही है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण जरूरतमंदों को राहत नहीं मिल पा रही है।
