आजमगढ़ में सनसनी: मुंह से खून, नीला पड़ा शरीर… मिथिलेश की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र में पूरा शंभूपुरंभूपुर निवासी 30 वर्षीय मिथिलेश सिंह का शव रविवार सुबह नहर के किनारे मौनी बाबा कुटी के पास लेदौरा बलुअहवा गांव के निकट एक पेड़ के नीचे पाया गया। खेत में गए किसानों ने सबसे पहले मिथिलेश के शव को देखा। शव नीला पड़ चुका था और मुंह से खून बह रहा था।
प्रारंभ में किसानों को लगा कि वह शराब पीकर गिरा है, लेकिन जब उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो स्थिति गंभीर प्रतीत हुई। शोर मचाने पर वहां दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए और पहचान करने पर पता चला कि यह क्षेत्र का ही मिथिलेश है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। मिथिलेश पिछले 15 दिनों से बनारस में पीओपी कारीगरी का काम कर रहा था और कई दिनों से घर नहीं आया था।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि मिथिलेश की हत्या जहर देकर और गला दबाकर की गई है। घटनास्थल पर बाइकों के आने-जाने के निशान भी मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे कहीं और मारकर यहां फेंका गया है। मिथिलेश शारीरिक रूप से मजबूत था, इसलिए यह घटना और भी रहस्यमय बन गई है।
अहरौला थाना अध्यक्ष अमित मिश्रा ने घटनास्थल पर पहुंचकर गहनता से जांच की और मृतक की मां वैजंती माला को सांत्वना देते हुए कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे सजा दिलाई जाएगी। क्षेत्राधिकारी बुढनपुर, अजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच से यह प्रतीत होता है कि मिथिलेश की हत्या जहर देकर की गई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और मामले की गहनता से जांच की जाएगी।
मिथिलेश के पिता इंद्रसेन सिंह, जो कि बुजुर्ग हैं, इस घटना पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी किसी पर आरोप लगाने से बच रहे हैं और मौन धारण किए हुए हैं। इस प्रकार की घटना ने पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोग जानना चाहते हैं कि मिथिलेश की हत्या किसने और क्यों की। पुलिस की जांच जारी है और स्थानीय लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
