रांची में अपहृत भाई-बहन की तलाश तेज, बिहार-बंगाल-ओडिशा में भेजीं पुलिस टीमें, child abduction
रांची के धुर्वा से अपहृत हुए 7 वर्षीय अंश और 6 वर्षीय अंशिका की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने धुर्वा इलाके में घर-घर तलाशी अभियान शुरू किया है। साथ ही, बच्चों की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में भेजी गई हैं।
बच्चों की बरामदगी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और परिजनों ने धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर एक विशाल धरना आयोजित किया। इस धरने में बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीण पुष्कर, हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा और जगन्नाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
एसएसपी राकेश रंजन ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजद प्रवक्ता कैलाश यादव को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 आईपीएस, 6 डीएसपी और 12 थाना प्रभारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इस बीच, कैलाश यादव ने पुलिस पर प्रारंभिक लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि यदि चार दिन पहले ही जांच में तेजी दिखाई गई होती तो शायद अब तक सफलता मिल चुकी होती।
धरना समाप्त होने के बाद, अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव और अन्य लोग पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा से मिलने पुलिस मुख्यालय पहुंचे। करीब 25 मिनट की बातचीत में, डीजीपी ने मामले के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की और बताया कि वह स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष पुलिस टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।
बच्चों के लापता होने के बाद से उनकी मां की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। वह लगातार रो-रोकर बच्चों को वापस लाने की गुहार लगा रही हैं और सदमे के कारण बार-बार बेहोश हो जा रही हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में चिंता का माहौल है। पुलिस को आशंका है कि बच्चों का अपहरण किसी गाड़ी के माध्यम से किया गया होगा, इसी कारण वे सीसीटीवी फुटेज में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या बच्चों के घरवालों से किसी प्रकार का विवाद था, जिसके चलते यह अपहरण किया गया हो। मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में चिंता पैदा कर दी है, और लोग बच्चों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस हर संभव पहलू पर गंभीरता से काम कर रही है ताकि बच्चों को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
