खीरी में एससी युवाओं को रोजगार का मिलेगा संबल, 29 को जागरूकता कार्यक्रम
लखीमपुर खीरी में आर्थिक रूप से कमजोर और शून्य गरीबी रेखा श्रेणी में आने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विपणन विकास सहायता (एससीएसपी) योजना के तहत 29 नवंबर, शनिवार को सुबह 11:30 बजे ग्राम पंचायत कस्ता में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना, उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। विशेष रूप से शून्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे बेरोजगार युवक-युवतियों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन युवाओं को स्वरोजगार के अधिक अवसर प्रदान कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाना इस योजना की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में युवाओं को यह जानकारी दी जाएगी कि वे किस प्रकार न्यूनतम संसाधनों का उपयोग करके अपना उद्यम शुरू कर सकते हैं और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सकते हैं। यह पहल ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का लाभ केवल शून्य गरीबी रेखा के बेरोजगार युवाओं तक ही सीमित नहीं रहेगा। बल्कि, आइटीआइ/पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षित युवा, पारंपरिक कारीगर और उद्यम स्थापना की इच्छा रखने वाले अन्य इच्छुक व्यक्ति भी इसमें भाग लेकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा ऋण सुविधा, आवश्यक प्रशिक्षण प्रक्रियाएं और विपणन सहयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें अपने कौशल को बाजार से जोड़कर आय का एक स्थायी स्रोत बनाने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को सरकारी योजनाओं से सक्रिय रूप से जोड़ना और उन्हें स्वयं का रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। इसमें प्रतिभागियों को कुटीर उद्योगों में प्रशिक्षण, हस्तशिल्प आधारित कार्यों की संभावनाओं, सरकारी अनुदान व ऋण सुविधाओं, तथा बाजार तक अपनी पहुंच बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन मिलेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन को एक नई दिशा प्रदान करेगा और बेरोजगार युवक-युवतियों को अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का एक स्पष्ट मार्ग दिखाएगा। विभाग ने अधिक से अधिक युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव ला सकें।
