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SBI डिप्टी मैनेजर पर 55 लाख के गबन का आरोप, 25 निर्यातकों के खाते प्रभावित

By Dec 7, 2025

मुरादाबाद स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की वाणिज्यिक शाखा में 55 लाख रुपये के एक बड़े घोटाले का खुलासा होने से क्षेत्र के करीब 25 बड़े निर्यातकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। यह शाखा बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा लेनदेन को संभालती है, जिनमें से अधिकांश खातों में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है।nnसूत्रों के अनुसार, एसबीआई वाणिज्यिक शाखा के डिप्टी मैनेजर सौरभ राठौर पर आरोप है कि उन्होंने बैंक के आंतरिक सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए छह खातों से कुल 55 लाख रुपये की हेराफेरी की। निर्यातकों के विदेशी भुगतान, विशेषकर डॉलर में आने वाली रकम, इसी शाखा के माध्यम से समायोजित होती है। ऐसे में, डिप्टी मैनेजर द्वारा की गई इस धांधली ने बैंकिंग सुरक्षा और निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।nnयह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक बैंक कर्मचारी को एंट्री में गड़बड़ी दिखाई दी। विदेशी भुगतान के समायोजन के दौरान रुपयों में अंतर पाया गया। बैंक की प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड और स्विफ्ट संदेश (एमटी-103) में विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद, शाखा प्रबंधन ने अपनी आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें डिप्टी मैनेजर की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें इसी वर्ष निलंबित कर दिया गया।nnजांच पूरी होने के बाद, बैंक अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि वाणिज्यिक शाखाएं निर्यातकों और आयातकों के विदेशी मुद्रा खातों के प्रबंधन के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार होती हैं। विदेश से आने वाले डॉलर पहले बैंक के नोस्ट्रो खाते में जमा होते हैं और फिर स्विफ्ट संदेश के आधार पर ग्राहक के खाते में समायोजित किए जाते हैं।nnभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों के अनुसार, इस प्रक्रिया में दो-स्तरीय जांच (डुअल ऑथराइजेशन) अनिवार्य है, जिसमें एक अधिकारी एंट्री करता है और दूसरा उसका अनुमोदन। इसके बावजूद यह घोटाला कैसे हुआ, यह जांच का प्रमुख बिंदु है। अधिकारियों के अनुसार, जांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विदेशी मुद्रा समायोजन में गलत विनिमय दर का उपयोग किया गया या राशि को आंतरिक खाते (सस्पेंस-एडजस्टमेंट अकाउंट) के माध्यम से हटाया गया।nnयह भी संभव है कि विदेशी भुगतान को ग्राहक के खाते में कम दिखाकर शेष राशि को किसी अन्य खाते में स्थानांतरित कर दिया गया हो। बैंक वर्तमान में शाखा के ऑडिट ट्रेल, लॉगिन हिस्ट्री और आरटीजीएस-नेफ्ट अनुमोदन रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है।nnबैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोपित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और एक विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट शुरू किया गया है। एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उनकी राशि पूरी तरह सुरक्षित है और सभी प्रभावित खातों के शेष का पुनः मिलान किया जा रहा है। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे मामलों में बैंक ग्राहक को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य है।nnयह घटना ऐसे समय में हुई है जब यह शाखा क्षेत्र की निर्यात इकाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण बैंकिंग केंद्र बनी हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद, बैंक ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी उच्च-मूल्य वाले खातों की विशेष निगरानी शुरू कर दी है।”
दी है।

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