सूरजपुर वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों का आगमन: ठंड की दस्तक और प्रकृति का उत्सव
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर वेटलैंड में सर्दी के आगमन के साथ ही प्रवासी पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगा है। दूर देशों से हजारों की संख्या में विदेशी परिंदे यहां पहुंच रहे हैं, जो इस आर्द्रभूमि को जीवन और संगीत से भर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व, यूरोप, रूस, चीन और मंगोलिया जैसे विभिन्न महाद्वीपों से आए ये पक्षी, 308 एकड़ में फैले इस वेटलैंड को अपना अस्थायी घर बना रहे हैं।
वन विभाग ने इन खास मेहमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है। पक्षियों के आराम और सुरक्षित प्रवास को सुनिश्चित करने के लिए वेटलैंड के करीब 60 एकड़ क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जलकुंभी की बड़े पैमाने पर सफाई की गई है, और कुछ स्थानों पर जलकुंभी से ही छोटे द्वीप बनाए गए हैं, जहां पक्षी आराम कर सकें। पानी के बीच में लकड़ी के 20 से अधिक माउंट भी तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वेटलैंड के रास्तों की मरम्मत, पार्कों का सौंदर्यकरण और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है, ताकि पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सूत्रों के अनुसार, साइबेरियन वाटर फाल, सबलस, कामन टीन, नार्दन पटेल, यूरेशियन बिजन, मलाड, कामन पोचर्ड, ग्रेटर स्पाटेड ईगल, यूरेशियन हाबी, ब्लैक नेक्ड स्टार्क, ग्रेलैग गूज, बार हेडेड गूज, नार्दर्न पिनटेल, नार्दर्न शोवेलर, गाडवाल, रूडी शेल्डक, ब्लैक टेल गाडविट जैसी 30 से अधिक प्रजातियों के एक हजार से अधिक विदेशी पक्षी पहले ही सूरजपुर वेटलैंड में पहुंच चुके हैं। अगले 15 दिनों में इनकी संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद है। पिछले वर्ष लगभग 10,000 प्रवासी पक्षी आए थे, जिनमें करीब 100 विभिन्न प्रजातियां शामिल थीं, और इस वर्ष भी इसी तरह के आगमन की आशा है।
सूरजपुर वेटलैंड न केवल पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। रेंजर के अनुसार, पक्षियों की संख्या बढ़ने के साथ ही यहां आने वाले सैलानियों की संख्या में भी वृद्धि होती है। लोग गुनगुनी धूप का आनंद लेते हुए इन विदेशी पक्षियों को निहारने के लिए आते हैं। उनकी सुविधा के लिए वाच टावर भी बनाए गए हैं, जहाँ से झील के शांत पानी में अठखेलियां करते पक्षियों के मनोरम दृश्य का आनंद लिया जा सकता है। यह स्थान प्रकृति की सुंदरता और जैव विविधता का एक जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करता है।
