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Saudi Arabia ने पिछले 5 सालों में अमेरिका से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट: MEA डेटा

By Dec 27, 2025

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में सऊदी अरब ने संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में काफी अधिक भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। ये आंकड़े खाड़ी क्षेत्र में श्रम कानूनों के उल्लंघन और वीजा ओवरस्टे से संबंधित बड़े पैमाने पर निर्वासन को दर्शाते हैं।

राज्यसभा में पेश किए गए डेटा के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच सऊदी अरब से भारतीयों के निर्वासन की संख्या अमेरिका से कहीं अधिक रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह मुख्य रूप से सऊदी अरब के सख्त रेजीडेंसी (इक़ामा) नियमों, श्रम सुधारों और वीजा ओवरस्टे पर समय-समय पर की जाने वाली कार्रवाई के कारण है।

सऊदी अरब में निर्वासन के मुख्य कारण

सऊदी अरब में निर्वासन के उच्च आंकड़ों के पीछे ‘सऊदीकरण’ (Saudisation) नीतियों और श्रम बाजार पर कड़े नियंत्रण को मुख्य कारण माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिक अक्सर वीजा ओवरस्टे, वर्क परमिट के बिना काम करने या रेजीडेंसी मानदंडों का उल्लंघन करने के कारण डिपोर्ट किए जाते हैं।

आंकड़ों के अनुसार, रियाद स्थित भारतीय मिशन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2021 से 2025 के दौरान सऊदी अरब से कुल 1,12,000 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया गया।

अमेरिका में स्थिति

इसके विपरीत, अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन की संख्या काफी कम रही है। वाशिंगटन स्थित भारतीय मिशन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 5,000 से कम थी। अन्य अमेरिकी मिशनों (सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, अटलांटा, ह्यूस्टन, शिकागो) से भी निर्वासन के आंकड़े कम रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका में निर्वासन मुख्य रूप से वीजा ओवरस्टे या स्टेटस उल्लंघन के कारण होता है, न कि बड़े पैमाने पर डिटेंशन के कारण। सरकार ने कहा है कि वह विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

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