सुब्रह्मण्य षष्ठी 2025: संतान सुख के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं ये विशेष वस्तुएं
सुब्रह्मण्य षष्ठी का पावन पर्व इस वर्ष 26 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। यह विशेष दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र, कार्तिकेय को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व संतान प्राप्ति की कामना रखने वालों और संतान संबंधी कष्टों से जूझ रहे लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर भगवान कार्तिकेय की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस पर्व का महत्व केवल भगवान कार्तिकेय की पूजा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का भी विशेष विधान है। विशेष रूप से शिवलिंग पर कुछ खास वस्तुएं चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, सफेद चंदन, अक्षत (चावल) और गंगाजल चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इसके अतिरिक्त, कार्तिकेय जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें मोर पंख और विशेष प्रकार के फल अर्पित किए जा सकते हैं।
सुब्रह्मण्य षष्ठी के दिन व्रत रखने और पूर्ण श्रद्धा भक्ति से पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और संतान से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। हालांकि यह पर्व मुख्य रूप से दक्षिण भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन संतान की कामना रखने वाले भक्त देश के किसी भी हिस्से में भगवान शिव, पार्वती और कार्तिकेय की पूजा करके इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन की गई पूजा और व्रत का फल अक्षय होता है, जिससे घर में खुशहाली आती है और वंश वृद्धि होती है।
