ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक जीत: 137 साल में सबसे छोटा एशेज टेस्ट, पर्थ में रिकॉर्ड्स की झड़ी
ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को आठ विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह मैच सिर्फ दो दिनों में समाप्त हो गया, जो 137 साल के इतिहास में कई रिकॉर्ड्स का गवाह बना।
मैच के दूसरे दिन, ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 205 रनों की दरकार थी। ट्रेविस हेड ने 83 गेंदों पर 123 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 16 चौके और चार छक्के शामिल थे। उन्होंने मात्र 69 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, जो एशेज सीरीज के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। हेड की इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया ने 28.2 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह टेस्ट मैच कुल 847 गेंदों में समाप्त हुआ, जो एशेज इतिहास का गेंदों के लिहाज से तीसरा सबसे छोटा टेस्ट मैच बन गया है। इससे पहले 1888 में मैनचेस्टर (788 गेंदें) और लॉर्ड्स (792 गेंदें) में खेले गए टेस्ट मैच सबसे छोटे रहे थे। 1888 के बाद यह गेंदों के हिसाब से सबसे छोटा एशेज टेस्ट है। दिनों के लिहाज से भी यह पिछले 100 सालों में सबसे छोटा एशेज टेस्ट मैच रहा। इससे पहले 1888, 1890 और 1921 में भी कुछ टेस्ट मैच दो दिन में समाप्त हुए थे, लेकिन यह हालिया दौर में सबसे तेज मैचों में से एक है।
ऑस्ट्रेलिया की इस जीत ने इंग्लैंड के एक खास सिलसिले को भी तोड़ दिया है। 2022 से इंग्लैंड घर से बाहर हर दौरे पर पहला टेस्ट मैच जीत रही थी। उन्होंने 2022 में पाकिस्तान, 2023 में न्यूजीलैंड और 2024 में भारत, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी अपने विदेशी दौरों पर पहला टेस्ट जीता था। पर्थ में मिली हार के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने इस जीत के क्रम पर विराम लगा दिया है।
