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सर्दियों में गीजर बना ‘साइलेंट किलर’: छोटी गलतियां दे सकती हैं जानलेवा करंट

By Dec 4, 2025

सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडक लेकर आता है और इसी के साथ घरों में गीजर का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है। हालांकि, गीजर का इस्तेमाल करते समय बिजली के झटके लगने की आशंका मन में बनी रहती है। अक्सर देखा जाता है कि गीजर से जुड़े हादसे किसी बड़ी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि इस्तेमाल के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी लापरवाहियों के चलते होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इन गलतियों पर ध्यान न दिया जाए, तो यह लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है।

सबसे आम गलतियों में से एक है नहाने से पहले या बाद में गीले हाथों से गीजर का स्विच ऑन या ऑफ करना। विशेषज्ञों के अनुसार, नमी वाले वातावरण में यह क्रिया बिजली का झटका लगने के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। बाथरूम जैसी जगह पर इस तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।

कई घरों में आज भी 5 से 10 साल पुराने, बिना सर्विस वाले गीजर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ऐसे पुराने उपकरणों में थर्मोस्टेट, हीटिंग कॉइल और सेफ्टी कट-ऑफ जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा तंत्र समय के साथ खराब हो जाते हैं। इनके खराब होने पर गीजर ओवरहीट हो सकता है, जिससे शॉर्ट सर्किट या करंट लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, पुराने गीजर की नियमित जांच और सर्विसिंग करवाना अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने खराब अर्थिंग को भी एक बड़ी समस्या बताया है। पुराने घरों में अक्सर अर्थिंग की व्यवस्था ठीक नहीं होती। यदि अर्थिंग ठीक से काम न करे, तो करंट जमीन तक नहीं पहुंच पाता और गीजर के धातु के हिस्सों, जैसे नल या शॉवर पाइप से हल्का झटका महसूस हो सकता है। इसके अलावा, निम्न गुणवत्ता वाले स्विच बोर्ड भी बिजली के झटके का कारण बन सकते हैं।

गीजर की नियमित सर्विस न कराना भी हादसों का एक प्रमुख कारण है। लोग लंबे समय तक गीजर का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन उसकी सर्विसिंग करवाना भूल जाते हैं। सर्विसिंग के अभाव में गीजर के टैंक में गंदगी (स्केलिंग) जमा हो जाती है, वायरिंग ढीली पड़ सकती है और सुरक्षा उपकरण कमजोर हो जाते हैं। इससे इलेक्ट्रिकल लीकेज का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में, सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, गीजर के इस्तेमाल में सावधानी बरतना और नियमित रखरखाव करवाना ही समझदारी है।

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