सर्द रात में आंदोलनकारियों पर जंगली सूअरों का हमला, दो घायल
द्वाराहाट क्षेत्र में सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर सर्द रात में जंगली सूअरों ने हमला कर दिया। यह अप्रत्याशित घटना उस समय हुई जब आंदोलनकारी धन्यारी में क्रमिक अनशन पर बैठे हुए थे। अचानक जंगली सूअरों के झुंड के अनशन स्थल पर घुस आने से अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों में भगदड़ की स्थिति बन गई।
इस हमले में दो आंदोलनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूत्रों के अनुसार, घायल आंदोलनकारियों में से एक बीरबल सिंह का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे घायल महेंद्र सिंह को कमर में गहरी चोट आई है। बताया जा रहा है कि अंधेरे में जान बचाने के प्रयास में नीचे की ओर कूदने के कारण बीरबल सिंह को अधिक चोटें आईं। हालांकि, उपचार के बाद महेंद्र सिंह आंदोलन में वापस शामिल हो गए हैं। घटना के बाद, अन्य आंदोलनकारियों ने शोर मचाकर सूअरों के झुंड को खदेड़ दिया। करीब आधा घंटे तक अनशन स्थल पर भय और अराजकता का माहौल रहा।
इस घटना की सूचना मिलने पर बुधवार को आसपास के गांवों के ग्राम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि धन्यारी पहुंचे। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि उनकी जायज मांगों पर समय रहते ध्यान दिया जाता तो उन्हें कड़ाके की ठंड में सड़क किनारे तंबू लगाकर आंदोलन करने की नौबत नहीं आती, और न ही इस तरह के जोखिम का सामना करना पड़ता। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया है और किसी भी तरह के समझौते से इनकार कर दिया है।
