एसआइआर कार्य में बीएलओ को न हो परेशानी, सहायता के लिए हर स्तर पर मौजूद हैं कर्मचारी
एसआइआर (निर्वाचक नामावली में सुधार) कार्य को लेकर मतदान केंद्र अधिकारियों (बीएलओ) को अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीएलओ और फीडिंग टीमों को किसी भी प्रकार का तनाव लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनकी सहायता के लिए ग्राम पंचायत से लेकर तहसील स्तर तक मोबाइल-फ्रेंडली कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम द्वारा किए गए सत्यापन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कौन-कौन से बीएलओ मोबाइल का संचालन कुशलता से कर लेते हैं और किन्हें अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है। ऐसे बीएलओ की मदद के लिए लेखपाल, कानूनगो, अमीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायक कर्मचारी, शिक्षक और पंचायत सहायकों को सहायक के तौर पर नियुक्त किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रपत्रों की फीडिंग में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को दूर करना है।
इस प्रक्रिया में पंचायत सचिव और ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है। विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत सहायकों को फीडिंग प्रक्रिया में दक्ष बनाया गया है, ताकि बीएलओ को फील्ड में आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान मिल सके। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि जो बीएलओ स्वयं फीडिंग नहीं कर पा रहे हैं, वे तनाव लेने के बजाय सीधे ब्लॉक या तहसील मुख्यालय पहुंचकर अपने सामने ऑपरेटर से फीडिंग करवा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग के दो केंद्रों पर भी फीडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहाँ पंचायत सहायक या बीएलओ अपने प्रपत्रों को तुरंत फीड करा सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य बीएलओ के कार्यभार को कम करना, फील्ड में भ्रम की स्थिति को समाप्त करना और जिले में एसआइआर के लक्ष्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना है।
जिले में एसआइआर का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक कुल 15,70,306 मतदाताओं में से 80 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है। जिले में 1,590 बीएलओ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। जिन घरों तक बीएलओ द्वारा मतदाता गणना पत्र भेजा गया है, लेकिन वह वापस नहीं मिला है, ऐसे मतदाताओं को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बीएलओ या उनके सहयोगी बार-बार संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि फिर भी मतदाता गणना पत्र प्राप्त नहीं हो पाता है, तो संबंधित मतदाता का नाम 11 दिसंबर के बाद जारी होने वाली अनुपस्थिति सूची में शामिल कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुपस्थित सूची में नाम आना अंतिम निर्णय नहीं होगा। यह सूची तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर चस्पा की जाएगी, और ऐसे सभी मतदाताओं को आगे अवसर दिया जाएगा।
मतदाता अपने किसी एक पहचान प्रमाण जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली बिल आदि के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना सत्यापन करा सकेंगे। एसडीएम द्वारा जांच के बाद यदि वह मतदाता सही पाया जाता है, तो उसका नाम अंतिम सूची में जोड़ दिया जाएगा।
