सप्तशक्ति संगम: 200 मातृशक्ति ने की सहभागिता, नारी शक्ति का जागरण हुआ
रविवार को कृष्णचंद्र गांधी सरस्वती विद्या मंदिर में ‘सप्तशक्ति संगम’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 200 मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य महिलाओं में निहित सात प्रमुख शक्तियों – श्री, क्षमा, कीर्ति, मेधा, स्मृति, वाक् एवं शक्ति – का स्मरण, जागरण और समाजहित में उनके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्र सेविका समिति की नीलिमा राठौर, अध्यक्ष डा. मालती मिश्रा, मुख्य वक्ता बालिका शिक्षा अखिल भारतीय संयोजिका रेखा चूडासमा, विशिष्ट अतिथि भावना शर्मा, रश्मि शर्मा एवं प्रबंध समिति की अन्य सदस्याओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना रुचिरा वर्मा ने प्रस्तुत की।
मुख्य वक्ता रेखा चूडासमा ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण और पॉलिथीन के प्रतिबंध पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को स्वयं के महत्व को समझने और समाज में अपनी भूमिका को पहचानने के लिए प्रेरित किया।
नीलिमा राठौर ने महिलाओं को आत्मजागृति की राह पर चलने और सामाजिक उत्थान की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया। उन्होंने नारी शक्ति की सामर्थ्य पर प्रकाश डाला और उसे समाज के विकास में महत्वपूर्ण कारक बताया।
डा. मालती मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नागरिक कर्तव्यों के स्मरण के माध्यम से मातृशक्ति को जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की एक और विशेष प्रस्तुति छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विदुषी मातृशक्ति पर आधारित संवाद एवं मंचन था, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। यह प्रस्तुति नारी शक्ति के विभिन्न आयामों को दर्शाती थी और अत्यंत आकर्षक रही।
कार्यक्रम का सफल संयोजन डा. दीप्ति तिवारी ने किया, जबकि संचालन पिंकी रानी ने किया। इस आयोजन में काजल भारद्वाज, रुचिरा वर्मा, नूतन वर्मा, रितु गौड़, मनीषा दास और अनिता सहित कई अन्य मातृशक्ति ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
