सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला, ‘भाजपाई’ का अर्थ बताया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा प्रहार करते हुए ‘भाजपाई’ शब्द का अर्थ ‘दंभी, अहंकारी और निर्दयी’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की जान जा रही है, लेकिन निर्दयी भाजपा सरकार शोक प्रकट करने के बजाय, उन पर ही कामचोरी का आरोप लगा रही है।
समाजवादी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा, ‘सत्ता के अहंकार में भाजपा सरकार ये मानकर चल रही है कि काम के दबाव में किसी की मृत्यु होने पर भी न तो हम अपनी व्यवस्था सुधारेंगे, न ही कोई मुआवजा देंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी इस स्थिति से शर्मिंदा हैं और जनाक्रोश के डर से पीड़ित परिवारों के घर तक जाने से कतरा रहे हैं, जिससे उनके सामाजिक संबंधों में दरार आ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘भाजपाई होना’ उन लोगों के लिए नकारात्मक रूप से इस्तेमाल किया जाने लगा है जो दंभी, अहंकारी, निर्दयी हैं और दूसरों के दुख से सुख पाते हैं।
एक अन्य पोस्ट में, सपा प्रमुख ने एसआइआर प्रक्रिया में वोट काटे जाने को एक बड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, ‘आज वोट काटा जा रहा है, कल को खेत, जमीन, मकान, राशन, जाति, आरक्षण से नाम काटा जाएगा। यह देशवासियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है।’ उन्होंने सभी विपक्षी दलों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों से एकजुट होकर भाजपा के इस ‘महाषड्यंत्र’ का पर्दाफाश करने की अपील की। यादव ने चेतावनी दी कि जो दल भाजपा को अपना सहयोगी मान रहे हैं, सबसे पहले भाजपा उन्हीं का खात्मा करेगी। उन्होंने हर देशवासी से एसआइआर की ‘घपलेबाजी’ को रोकने का आग्रह किया।
समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग से भी राजनीतिक दलों को जिलावार, विधानसभा क्षेत्रवार, मतदेय स्थल वार मतदाताओं को बांटे गए और भर कर वापस लिए गए गणना प्रपत्रों व बीएलओ द्वारा सबमिट की गई सभी श्रेणियों के मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे एक ज्ञापन में आजमगढ़, अलीगढ़, फतेहपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में एसआइआर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आधे-अधूरे प्रपत्र बांटे गए, गलत मतदाता विवरण नजर आ रहे हैं, बीएलओ मतदाताओं तक नहीं पहुंच रहे और कुछ स्थानों पर पुरानी मतदाता सूची भी उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी प्रदेश भर में एसआइआर की निगरानी करेगी और इस संबंध में जिलों में प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। पार्टी ने इस मुद्दे पर 40 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
