सोरों मार्गशीर्ष मेला: कवि सम्मेलन सहित होंगे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश की पावन तीर्थ नगरी सोरों में इन दिनों मार्गशीर्ष मेला का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेला मैदान में बनाए गए विशाल पंडाल में 10 दिसंबर तक विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण 6 दिसंबर की शाम को आयोजित होने वाला कवि सम्मेलन है। इस प्रतिष्ठित कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न कोनों से पधारे ख्यातिलब्ध कवि अपनी जोशीली और प्रेरणादायक रचनाओं का पाठ करेंगे, जिससे श्रोताओं को एक अविस्मरणीय साहित्यिक अनुभव प्राप्त होगा।
मेला आयोजकों द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रमों का सिलसिला 1 दिसंबर को गीता जयंती उत्सव के साथ प्रारंभ हो चुका है। इसके उपरांत, 6 दिसंबर को शाम के समय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जो सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रहेगा। 8 दिसंबर को रामलीला का मंचन किया जाएगा, जो पारंपरिक धार्मिक कथाओं को जीवंत करेगा। 9 और 10 दिसंबर की शाम को रासलीला का मनमोहक आयोजन होगा, जिसमें भगवान कृष्ण की लीलाओं का सुंदर प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की यह श्रृंखला यहीं समाप्त नहीं होगी। 11 दिसंबर की शाम को एक भक्तिमय भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक अपनी सुमधुर आवाज़ से भक्तों को भाव-विभोर करेंगे। 12 दिसंबर को एक विशेष म्यूजिकल नाइट का आयोजन होगा, जिसमें संगीत प्रेमियों को विभिन्न प्रकार के संगीतमय प्रस्तुतियों का आनंद मिलेगा। 13 दिसंबर की सुबह एक भव्य शिव विवाह का आयोजन किया जाएगा, जो धार्मिक आस्थाओं का प्रतीक बनेगा।
मेले के समापन की ओर बढ़ते हुए, 16 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण दिव्यांग सामूहिक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं व सहायता के बारे में जानकारी प्रदान करना है। नगर पालिकाध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया कि प्रशासन इस मेले को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर सोरों पधारें और विभिन्न आयोजनों का आनंद लें। यह मार्गशीर्ष मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा संगम भी प्रस्तुत करता है।
