सोनभद्र में ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ, नारद मोह के मंचन से हुई शुरुआत
सोनभद्र के रामगढ़ कस्बे में स्थित ऐतिहासिक विजयगढ़ कोठी प्रांगण में गुरुवार को प्रसिद्ध धनुष यज्ञ रामलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मुकुट पूजन और आरती के साथ की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और रामलीला कमेटी के सदस्य शामिल हुए।
राजमहल के मैनेजर वीरेंद्र उर्फ लुकावन सिंह ने मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन और आरती संपन्न कराई। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा। इसके उपरांत, वाराणसी से पधारे कलाकारों ने नारद मोह का मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में नारद मुनि के क्रोध और उनके द्वारा दिए गए श्राप की कथा को अत्यंत सजीवता से दर्शाया गया। कलाकारों ने नारद के तीनो लोकों में विचरण के दृश्य को भी बखूबी चित्रित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सूत्रों के अनुसार, नारद मोह के मंचन के दौरान जब भगवान शिव के दो गणों ने नारद के रूप का उपहास उड़ाया और दर्पण में उनका मुख दिखाया, तो नारद मुनि अत्यंत क्रोधित हो गए। अपने अपमान से क्षुब्ध होकर उन्होंने उन गणों को श्राप दे दिया। कलाकारों के अभिनय ने इस कथा को दर्शकों के दिलों में उतार दिया। यह मंचन देर रात लगभग एक बजे तक चला, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ उपस्थित रही।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवी प्रसाद पांडेय, मैनेजर वीरेंद्र उर्फ लुकावन सिंह, महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान रामगढ़ बलराज मौर्य, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश केसरी, शिव गोविंद उमर वैश्य, रविंद्र क्षेत्र पंचायत सदस्य, दीपक केसरी, मनोज केसरी, सियाराम मौर्य, अमरेश गोड़, प्रदीप सिंह नेपाली, विक्की नेपाली, आकाश सिंह सहित कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और आम नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। विजयगढ़ की यह रामलीला प्रतिवर्ष आयोजित होती है और स्थानीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है।
