सोनभद्र खनन हादसा: फरार आरोपियों पर कसता शिकंजा, गैर जमानती वारंट जारी
सोनभद्र के बिल्ली खनन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद, जिसमें सात मजदूरों की दुखद मृत्यु हो गई थी, अब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई जांच में दोषी पाए गए फरार आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। इस घटना के बाद से ही सभी मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं, और पुलिस उनकी धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, बीते 15 नवंबर को बिल्ली खनन क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर खदान का एक हिस्सा धंस गया था। इस हादसे की चपेट में आने से सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद, पुलिस अधीक्षक ने ओबरा के क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान, मुख्य आरोपी मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी सहित कुल दस लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मुख्य आरोपियों सहित कुल छह लोग घटना के बाद से ही पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच में घटना के लिए दोषी पाए गए पट्टाधारक मधुसूदन सिंह, दिलीप केशरी, और चार पेटीदार मुस्तफा सिद्दीकी, रवि सोनी, राहुल तवारी और विशाल कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस कई स्थानों पर दबिश डाल रही है। आरोपियों का अब तक कोई सुराग न मिलने के कारण, न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आते हैं या आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो सभी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं।
