स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई यूपी के उपभोक्ताओं की मुसीबत, बिल दोगुना से अधिक
बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के बलिया में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल पहले के मुकाबले दोगुना से भी अधिक आ रहे हैं। बिलों में आई इस अप्रत्याशित वृद्धि से उपभोक्ता परेशान हैं और उपकेंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल रहा है।nnबाहरपुर निवासी हरिंद्र राजभर ने बताया कि उनके घर में दो किलोवाट का कनेक्शन है। स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनका बिल लगभग 500 रुपये आता था, लेकिन अब अगस्त में उन्हें 1,627 रुपये और सितंबर में 2,235 रुपये का भुगतान करना पड़ा है। इसी तरह, सोनाडी निवासी गौतम तिवारी ने कहा कि उनके घर में केवल दो पंखे, एक टुल्लू पंप और कुछ लाइटें ही चलती हैं। पहले उनका मासिक बिल 350-450 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर 1,500 रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने मीटर रीडर से लेकर उच्चाधिकारियों तक से शिकायत की, लेकिन उन्हें कहीं से भी कोई राहत नहीं मिली है।nnनगरा सर्किल क्षेत्र में करीब 39 हजार उपभोक्ताओं में से 16,500 घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें नगर पंचायत नगरा में साढ़े चार हजार स्मार्ट मीटर शामिल हैं। स्मार्ट मीटरिंग के बावजूद, इन उपभोक्ताओं के बिलों में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है, जिसके कारण बिजली विभाग में शिकायतों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। उपकेंद्र नगरा, सलेमपुर, दिलमनमधुकीपुर, रनऊपुर, जाम और गौरामदनपुरा में दर्ज की जा रही लगभग 80 प्रतिशत शिकायतें बिजली बिलों से संबंधित हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगते ही बिलों में अनियमितता शुरू हो गई है और यदि इस व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।nnहालांकि, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, शिकायतों की वास्तविकता की जांच के लिए कुछ उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर के साथ-साथ स्मार्ट मीटर भी चलाए जा रहे हैं। शुरुआती दो महीने की निगरानी में दोनों मीटरों की रीडिंग लगभग समान पाई गई है। विभाग का दावा है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और समस्या का समाधान निकाला जाएगा।”
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