जज्बे को सलाम! सुबह बच्चे को जन्म दिया, दोपहर में नवजात को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची मां
सारण जिले के छपरा से एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। एक महिला ने सुबह बच्चे को जन्म दिया और दोपहर में अपने नवजात शिशु को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंची। जयप्रकाश विश्वविद्यालय की स्नातक पार्ट-प्रथम (विशेष) परीक्षा के दौरान जयप्रकाश महिला महाविद्यालय, छपरा में यह भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया।
एकमा की रहने वाली नेहा कुमारी ने सुबह करीब 5 बजे एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के कुछ ही घंटों बाद, ठीक दोपहर 12:30 बजे वह अपने नवजात को गोद में लेकर परीक्षा केंद्र पहुंच गई। नेहा की स्थिति को देखते हुए केंद्राधीक्षक और कॉलेज प्रशासन ने तत्काल विशेष व्यवस्था की। उनके लिए गाड़ी को ही अस्थायी परीक्षा कक्ष घोषित कर दिया गया, ताकि नवजात की सुरक्षा और मां की सुविधा दोनों बनी रहे।
दोपहर 1:15 बजे शुरू हुई दूसरी पाली की परीक्षा में नेहा ने नवजात को गोद में थामे हुए उत्तरपुस्तिका लिखना शुरू किया। यह दृश्य किसी के लिए भी साधारण नहीं था; शिक्षक से लेकर परीक्षार्थी तक, हर कोई उसकी अदम्य इच्छाशक्ति का गवाह बन गया। नेहा, जो गंगा सिंह महाविद्यालय की छात्रा है, बताती है कि प्रसव के बाद जब चिकित्सकों ने उसके बेटे को पूरी तरह स्वस्थ बताया, तभी उसने परीक्षा देने का निर्णय लिया।
स्वजन पहले तो इस कदम को लेकर सहज नहीं थे, लेकिन नेहा की पढ़ाई को लेकर प्रतिबद्धता इतनी प्रबल थी कि आखिरकार परिवार भी उसके निर्णय के साथ खड़ा हो गया। परीक्षा केंद्र में मौजूद शिक्षक हों या अन्य परीक्षार्थी, हर किसी ने नेहा के जज्बे और आत्मबल से प्रेरणा ली। कॉलेज के प्राचार्य व केंद्राधीक्षक डा. किरण कुमारी ने कहा कि नेहा जैसी छात्राएं सचमुच समाज के लिए मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, शिक्षा के प्रति समर्पण यदि मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।
