सल्फास निगलने से युवक की मौत, मंगेतर सहित चार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
हरियाणा के नारायणगढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 29 वर्षीय युवक कर्मवीर की सल्फास निगलने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अपनी तहरीर में मंगेतर पायल और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न, धमकियों और रिश्ता तोड़ने के दबाव के चलते कर्मवीर ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया।
इन आरोपों के आधार पर नारायणगढ़ थाना पुलिस ने पायल, उसके पिता नरेश पाल, भाई हिमांशु, बुआ और शिवम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को अग्रसेन चौक पर शव ले जा रही एंबुलेंस को लगभग 15 मिनट तक रोककर यातायात बाधित किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुँच जाते, वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार, परिजनों ने बताया कि पायल और उसके परिवार ने सुनियोजित तरीके से कर्मवीर को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, उसे बदनाम करने की धमकियां दीं और उस पर हमला भी करवाया। इसी लगातार तनाव और भय ने उसकी जान ले ली। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ललित कुमार ने परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शांत हुए और जाम खोला।
जानकारी के अनुसार, कर्मवीर ने रविवार रात करीब आठ बजे सल्फास निगल लिया था। सोमवार को डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। इसी दौरान, परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। दोपहर करीब 4:30 बजे उन्होंने शव वाली एंबुलेंस को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया।
मृतक के भाई निर्मल ने अपनी शिकायत में बताया कि मार्च 2023 में कर्मवीर का रिश्ता बड़ा गांव निवासी पायल से तय हुआ था और शादी की तारीख 12 नवंबर निर्धारित थी, जिसके कार्ड भी छप चुके थे। लेकिन, कुछ समय बाद पायल ने कर्मवीर से पैसे मांगने शुरू कर दिए। मना करने पर उसने रिश्ता तोड़ने, परिवार को बदनाम करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि पायल ने बाद में स्वीकार किया था कि वह किसी और से प्यार करती है, जिससे कर्मवीर गहरे तनाव में आ गया था।
यह भी पता चला है कि कर्मवीर ने 19 अक्टूबर को भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि पायल ने उसे एक नर्सिंग होम के पास बुलाया, जहाँ छह नकाबपोश युवकों ने लोहे की रॉड से हमला कर उससे 12 हजार रुपये, चांदी की चेन और घड़ी लूट ली थी। इस मामले में भी पायल सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। परिजनों का दावा है कि बाद में पायल ने केस वापस लेने का दबाव बनाया और बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
30 नवंबर को कर्मवीर गांव पावनी में कैटरिंग के काम पर गया था और शाम को लौटते समय उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। कर्मवीर तीन भाइयों में सबसे छोटा था और पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। तीनों भाई मिलकर कैटरिंग का काम करते हैं।
थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे फरार मिले। उनकी तलाश रिश्तेदारों के यहाँ भी जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
