सलगाझुरी में ट्रेनों का ठहराव बहाल न होने पर महाधरना की चेतावनी
चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सलगाझुरी रेलवे स्टेशन से मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव हटाए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। इस संबंध में मंगलवार को संयुक्त ग्राम समन्वय समिति, सोपोडेरा जमशेदपुर के सदस्यों ने रेल मंडल प्रबंधक (डीआरएम) तरूण हुरिया से मुलाकात की और सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर रेलवे प्रशासन लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः शुरू नहीं करता है, तो वे स्थानीय समाजसेवियों के सहयोग से महाधरना और रेल टेका आंदोलन आयोजित करेंगे।
समिति के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने डीआरएम को अवगत कराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2024 को सलगाझुरी रेलवे स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन किया था, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति थी। इसके बावजूद, कुछ दिनों से स्टेशन में चलने वाली लोकल ट्रेनों का ठहराव हटाया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों और ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर डीआरएम तरूण हुरिया ने बताया कि यह कदम कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के लिखित आदेश के तहत उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सलगाझुरी स्टेशन पर प्लेटफार्म, फुट ओवर ब्रिज और टिकट काउंटर जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी पूरी तरह विकसित नहीं हैं। जब ये सुविधाएं पूरी तरह विकसित हो जाएंगी, तभी ट्रेनों का ठहराव पुनः शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में सलगाझुरी रेलवे स्टेशन पर पूर्व की भांति सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने के अलावा, स्टेशन के पास निर्माणाधीन अंडर ब्रिज को शीघ्र पूरा कर आम जनता के लिए खोलने, स्टेशन पर टिकट बुकिंग काउंटर जल्द खोलने, प्लेटफार्म का निर्माण कराने, यात्रियों के लिए संसाधन युक्त विश्राम शेड का निर्माण करने, सलगाझुरी से गोविंदपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंच पथ का निर्माण करने और बारीगोडा रेलवे फाटक के पास ओवर ब्रिज निर्माण शीघ्र कराने की मांगें शामिल हैं। इस अवसर पर समिति के जिला परिषद सदस्य कुशुम पुरती, संरक्षक सदस्य दुबराज नाग, पूर्व मुखिया प्रकाश शांडिल, तुलसी महतो, पंचायत समिति सदस्य रूद्र मुंडा, अधिवक्ता कन्हैया पांडे, पीके कारूवा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
