स्कूलों में आवारा कुत्तों पर लगाम: अब शिक्षक बनेंगे चौकीदार!
दरभंगा जिले के स्कूलों में अब आवारा कुत्तों को घुसने से रोकने के लिए शिक्षकों को एक नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जिला शिक्षा कार्यालय ने शिक्षकों को नोडल पदाधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम स्कूलों, विशेषकर प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के कारण आवारा कुत्तों के बढ़ते प्रवेश को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था अक्सर कमजोर पाई जाती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस आदेश का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी गई है। यदि इसका अनुपालन नहीं हुआ तो इसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना माना जाएगा और संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में शिक्षकों को नोडल पदाधिकारी बनाना एक मजबूरी भी है, क्योंकि आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित होती है। भोजन की उपलब्धता के कारण इन स्थानों पर आवारा कुत्तों के आने की संभावना अधिक होती है। प्राथमिक विद्यालयों में भी मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है। हालाँकि कई विद्यालयों में चारदीवारी और गेट की व्यवस्था है, लेकिन बच्चों और अभिभावकों के आवागमन के लिए गेट को खुला रखना एक बड़ी चुनौती है।
प्रमंडलीय मुख्यालय स्थित लहेरियासराय के आदर्श मध्य विद्यालय का उदाहरण इस समस्या को स्पष्ट करता है। जहाँ मुख्य प्रवेश द्वार से प्रधानाध्यापक कक्ष की दूरी काफी अधिक है। यदि निर्धारित समय पर गेट बंद कर दिया जाए, तो अभिभावकों या अधिकारियों के आने-जाने में असुविधा होगी। शिक्षकों के कक्षाओं में व्यस्त रहने के कारण उन्हें गेट पर बुलाना संभव नहीं है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है। प्रधानाध्यापक के लिए गेट खोलना और बंद करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, ऐसे में आदेश का पालन कैसे हो, यह एक बड़ा प्रश्न है।
कुछ उच्च और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में जहाँ आदेशपाल या चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कार्यरत हैं और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था नहीं है, वहाँ इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में ऐसे कर्मचारियों की अनुपस्थिति और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था के कारण यह चुनौती बनी हुई है।
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए नोडल पदाधिकारी बनाना उचित नहीं है। उन्होंने विभाग से प्रत्येक स्कूल में एक अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की है। इस पर दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी केएन सदा ने कहा कि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में आया और रसोइया भी तैनात हैं, उनसे भी प्रवेश द्वार की सुरक्षा का काम लिया जा सकता है।
